Real vs Fake Ghee: घी की अगर बात करें तो यह हमारे घरों में बनने वाले खाने की जान होती है. चाहे इसे गर्मागर्म रोटियों पर चुपड़ना हो या फिर दाल में तड़का लगाना हो, घी के बिना खाने का स्वाद बिल्कुल ही अधूरा सा लगने लगता है. वैसे तो घी हमारी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन आज के समय में बाजार में नकली और मिलावटी घी का प्रोडक्शन काफी तेजी से बढ़ने लगा है. ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट कमाने के चक्कर में लोग असली घी में डालडा, वेजिटेबल ऑयल, उबले हुए आलू, स्टार्च और न जाने कौन-कौन से खतरनाक केमिकल्स मिला रहे हैं. इस तरह का मिलावटी घी सिर्फ हमारे खाने का स्वाद ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि लंबे समय तक इसके सेवन से हमारी सेहत को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है. आपकी सेहत को कोई नुकसान न हो, इसलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में असली और नकली घी के बीच का फर्क बताने वाले हैं. आप आसानी से इन टेस्ट्स को घर पर करके अपने और अपने परिवार को मिलावटी घी के जहर से बचाकर रख सकते हैं.
असली और नकली घी में सबसे बड़ा फर्क
असली और नकली घी के बीच का फर्क समझना कोई बहुत बड़ा रॉकेट साइंस नहीं है, इसके लिए बस आपको थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत है. जो असली घी होता है, वो गाय या भैंस के दूध की मलाई से एकदम देसी और ट्रेडिशनल तरीके से बनता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत होती है इसकी भीनी-भीनी खुशबू, जिसे सूंघते ही मुंह में पानी आ जाता है और भूख बढ़ जाती है. दिखने में इसका रंग हल्का पीला या सफेद होता है और छूने पर यह दानेदार महसूस होता है. वहीं, दूसरी तरफ, मिलावटी घी में खुशबू लाने के लिए ऊपर से नकली फ्लेवर यानी कि केमिकल मिलाए जाते हैं. क्यूंकि इसमें वेजिटेबल या पाम ऑयल जैसी चीजें मिक्स होती हैं, इसलिए हाथ लगाने पर यह बहुत ज्यादा चिपचिपा या फिर बिल्कुल मोम जैसा फील होता है.
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हथेली पर रखकर करें घी का टेस्ट
यह असली घी को परखने का सबसे आसान और इंस्टेंट काम करने वाला तरीका है. इसके लिए आपको थोड़ा सा घी अपनी हथेलियों पर रखना है. अगर घी असली होगा, तो वह आपकी बॉडी टेम्परेचर से ही तुरंत पिघलना शुरू हो जाएगा और देखते ही देखते ही यह आपकी स्किन पर आसानी से फैल भी जाता है. लेकिन अगर घी में डालडा या कोई अन्य हार्मफुल ऑयल्स मिलाया गया है, तो वह हथेली पर रखने के बाद भी वैसा का वैसा ही जमा रहेगा या उसे पिघलने में बहुत ज्यादा समय लगेगा.
गर्म करके भी कर सकते हैं चेक
किचन में खाना बनाते समय भी आप घी की प्योरिटी को चेक कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले गैस पर एक बर्तन या कढ़ाई रखें और उसमें एक चम्मच घी डालें. अगर घी तुरंत पिघल जाता है और उसका रंग डार्क ब्राउन हो जाता है, तो समझ लें कि घी बिल्कुल असली है. इसके ठीक विपरीत, अगर घी को पिघलने में समय लग रहा है और पिघलने के बाद उसका रंग हल्का पीला या सफेद ही रहता है, तो उसमें मिलावट होने की पूरी संभावना रहती है.
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आयोडीन से करें स्टार्च की पहचान
कई बार लोग घी के वजन और गाढ़ेपन को बढ़ाने के लिए उसमें उबले हुए आलू या स्टार्च मिला देते हैं. अगर आपकी घी के साथ ऐसा किया गया है तो इसे पकड़ने का एक बहुत ही कमाल का तरीका है. इसके लिए सबसे पहले एक कटोरी में थोड़ा सा पिघला हुआ घी ले लें. इसके बाद इसमें दो-तीन बूंदें आयोडीन सॉल्यूशन की डाल दें. यह आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाएगा. अगर आयोडीन डालते ही घी का रंग बदलकर ब्लू हो जाता है, तो समझ जाइए कि घी में पक्का आलू या स्टार्च मिलाया गया है. और अगर घी का रंग वैसा ही रहता है, तो आपका घी एकदम असली और प्योर है.
सेहत से समझौता करने की गलती न करें
शुद्ध घी हमारे शरीर को ताकत और भरपूर एनर्जी देता है, लेकिन यह फायदा तभी मिलता है जब घी एकदम प्योर हो. अगर आप अनजाने में मिलावटी घी खा रहे हैं, तो इससे दिल की बीमारियां, हाई कोलेस्ट्रॉल और पेट खराब होने जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. इसलिए अगली बार जब भी आप बाजार से घी खरीदें या घर पर उसका इस्तेमाल करें, तो इन छोटे और आसान तरीकों से उसकी प्योरिटी जरूर चेक कर लें.
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