Jaya Kishori Quotes on Husband Wife Relationship: आज के जमाने में जेंडर इक्वालिटी की बहस अक्सर पुरुष बनाम महिला की लड़ाई में बदल जाती है. लेकिन प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी जी ने अपने एक प्रवचन में इस सोच को चुनौती देते हुए कहा कि पुरुष और महिलाएं एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि पूरक हैं.
उनके अनुसार, समाज ने रिश्तों को पति-पत्नी जैसे सीमित लेबल में बांध दिया है, जबकि असल में हर रिश्ता दोस्ती, सही मार्गदर्शन, भावनात्मक सहारे और आध्यात्मिक जुड़ाव से मिला जुला होना चाहिए.
जया किशोरी जी के अनमोल विचार (Jaya Kishori Quotes on Husband Wife Relationship)
- पुरुष और महिला एक-दूसरे को पूरा करने के लिए बने हैं, न कि एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए.
- रिश्ते केवल हसबैंड और वाइफ की भूमिका तक सीमित नहीं होने चाहिए, उनमें दोस्ती सबसे जरूरी है.
- भावनाएं दोनों में समान रूप से होती हैं, लेकिन समाज पुरुषों को उन्हें दबाने की ट्रेनिंग देता है.
- बराबरी की असली शुरुआत इंसान को इंसान मानने से होती है, जेंडर से नहीं.
- शारीरिक अंतर प्राकृतिक हैं, लेकिन श्रेष्ठता या हीनता का कोई आधार नहीं.
पुरुष और महिला को तुलना क्यों नहीं करनी चाहिए?
जया किशोरी के अनुसार, जब रिश्ते कौन बेहतर की दौड़ में बदल जाते हैं, तो प्रेम और सम्मान पीछे छूट जाते हैं. प्रतिस्पर्धा एक दूसरे से तुलना करना अहंकार की भावना को बढ़ाती है, जबकि साझेदारी विकास को जन्म देती है.
- प्रतिस्पर्धा रिश्तों में दूरी लाती है.
- सहयोग रिश्तों को गहराई देता है.
- एक-दूसरे की ताकत को स्वीकार करना ही संतुलन है.
अगर पुरुष और महिला एक-दूसरे को हराने की बजाय समझने की कोशिश करें, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत बनते हैं. लगातार चल रही जेंडर फाइट असल मुद्दों से ध्यान भटका देती है.
समानता की असली परिभाषा प्रतिस्पर्धा में नहीं, बल्कि सहयोग में छिपी है. जब पुरुष और महिलाएं खुद को अधूरा नहीं, बल्कि मिलकर पूरा मानेंगे, तभी रिश्तों में संतुलन, सम्मान और सच्ची खुशी आएगी.
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