मुसीबत आने से पहले ही सतर्क कर देते हैं ये संकेत, क्या आप जानते हैं?

Chanakya Niti: घर में अचानक मुसीबत आने से पहले मिलने लगते हैं ये 5 खास संकेत. आचार्य चाणक्य ने बताया है कि कैसे तुलसी का सूखना और बार-बार कांच टूटना आने वाले बड़े संकट की चेतावनी है. आज ही जानें ये कड़वे सच.

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के दौर में भी उतनी ही सच साबित होती हैं जितनी सदियों पहले थीं. जीवन में कब सुख आएगा और कब दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा, इसके बारे में चाणक्य ने बहुत पहले ही चेतावनी दे दी थी. चाणक्य नीति के अनुसार, जब भी इंसान पर कोई बड़ी मुसीबत आने वाली होती है, तो प्रकृति और उसके आसपास की परिस्थितियां कुछ खास संकेत देने लगती हैं. अगर आप समय रहते इन संकेतों को पहचान लें, तो आप आने वाले बड़े आर्थिक नुकसान या पारिवारिक संकट से खुद को बचा सकते हैं. क्या आपके साथ भी हाल ही में कुछ अजीब हो रहा है? आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के वे 5 कड़वे सच, जिन्हें नजरअंदाज करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है.

घर में तुलसी के पौधे का सूखना

आचार्य चाणक्य के अनुसार, अगर आपके घर में लगा हरा-भरा तुलसी का पौधा अचानक सूखने लगे, तो यह आने वाले आर्थिक संकट का संकेत हो सकता है. भले ही आप उसकी कितनी भी देखभाल करें, लेकिन अगर वह सूख रहा है, तो समझ लीजिए कि गरीबी घर के दरवाजे पर दस्तक दे रही है. चाणक्य कहते हैं कि जहाँ बरकत और सुख नहीं रहता, वहां सबसे पहले तुलसी का पौधा साथ छोड़ देता है.

घर में कलह और अशांति का बढ़ना

यदि आपके घर में बिना किसी बड़ी वजह के छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होने लगे, तो यह किसी बड़ी मुसीबत का संकेत है. चाणक्य नीति कहती है कि जिस घर में हर समय लड़ाई-झगड़ा होता है, वहाँ से शांति चली जाती है. यह दिमागी तनाव और धन की हानि का शुरुआती लक्षण माना जाता है.

शीशे का बार-बार टूटना

घर में बार-बार शीशा टूटना या कांच की चीजों का अचानक बिखर जाना शुभ नहीं माना जाता. चाणक्य के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि घर पर कोई बड़ा संकट आने वाला है या परिवार के किसी सदस्य की सेहत खराब होने वाली है. इसे अक्सर बुरी हवा या गलत असर के बढ़ने का संकेत माना जाता है.

पूजा-पाठ में मन न लगना

अगर घर के सदस्यों का मन अचानक भगवान की भक्ति या पूजा-पाठ से हटने लगे, तो सावधान हो जाएं. चाणक्य के अनुसार, जब इंसान का बुरा समय शुरू होने वाला होता है, तो उसकी बुद्धि काम करना बंद कर देती है और वह सही रास्ते से भटकने लगता है. पूजा-पाठ की कमी घर में बुरी ताकतों को बुलावा देती है.

बड़ों और बुजुर्गों का अपमान

चाणक्य नीति के अनुसार, जिस घर में बुजुर्गों का अनादर होता है या उन्हें दुख पहुंचाया जाता है, उस घर का बर्बाद होना तय है. अगर आपके आसपास लोग अचानक गाली-गलौज या बुरे शब्दों का प्रयोग करने लगें, तो समझ लें कि आने वाला समय आपके पक्ष में नहीं है.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

By Shubhra Laxmi

Shubhra Laxmi is a lifestyle and health writer with a year-long association with Prabhat Khabar. While she specializes in health, fashion, food, and numerology, her writing is deeply rooted in the human experience. By blending emotional depth with motivational insights, Shubhra aims to inspire readers to live a life that is balanced, mindful, and vibrant.

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