Chaitra Navratri 2021 Date: चैत्र नवरात्र कल से होगा शुरू, मां के नौ स्वरूपों की क्या है पूजा विधि, जानें कलश स्थापना मुहूर्त, सामग्री लिस्ट, मंत्र, महत्व व अन्य जानकारियां
Chaitra Navratri 2021 Start & End Date, Maa Durga, Kalash Sthapna Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: हिंदू धर्म का सबसे पावन पर्व नवरात्र घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है. चैत्र मास की इस नवरात्र में कुल नौ दिनों तक मां दुर्गे के सभी नौ स्वरूपों की पूजा की जायेगी. धार्मिक मामलों के जानकारों की मानें तो इस बार मां दुर्गे घोड़े पर सवार होकर आयेंगी. आइये जानते हैं कलश स्थापना से लेकर, मां के सभी स्वरूपों की पूजा विधि, व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त, सामग्री डिटेल व अन्य जानकारियां...
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
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11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
गर्मी में रख रहें नवरात्रि का व्रत तो इन फलों का जरूर करें सेवन
यदि गर्मी में आप भी रख रहें नवरात्रि का व्रत तो जिसमें फूड पदार्थ या फल में पानी की मात्रा अधिक होती है उसका सेवन जरूर करें. ऐसा करने से नौ दिनों तक आपका शरीर व्रत के बावजूद ज्यादा कमजोर नहीं होगा. ये फल आपके बॉडी में कम हो रही पानी की मात्रा को बनाएं रखने में मददगार साबित हो सकते हैं. अत: चैत्र नवरात्रि के दौरान इन फलों का करें सेवन…
तरबूज
लौकी
पपीता
केला
सिंघाड़े फलों का जरूर करें सेवन
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
कब है नवमी की तिथि
13 अप्रैल दिन मंगलवार को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा की तिथि से नवरात्रि प्रारंभ हो रहा है. वहीं, पंचांग के अनुसार नवमी की तिथि 21 अप्रैल को शुरू हो रही है और व्रत का पारण दशमी तिथि 22 अप्रैल को होगा.
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
कलश स्थापना विधि (Kalash Sthapana Vidhi)
सुबह जल्दी उठें
स्नानादि करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें
घर के मंदिर को अच्छे से साफ करें, गंगा जल से शुद्ध कर लें
एक लकड़ी का पाटा लेकर, उसपर लाल या सफेद रंग का कपड़ा बिछा दें
फिर कपड़े पर अक्षत रखें और मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं
इसके बाद बर्तन के ऊपर कलश रख दें
इसमें स्वास्तिक बनाएं
कलावा या मौली बांधें
कलश में सुपाड़ी, सिक्का और अक्षत डाल दें
ऊपर अशोक के पत्ते या आम के पत्ते रखें
एक नारियल लें और उसे चुनरी से लपेट दें
फिर इसमें भी कलावा या मौली बांधें
अब मां दुर्गा के सभी स्वरूपों का आव्हान करें
दीप जलाएं और कलश के आगे अगरबत्ती जलाएं और मंत्र पढ़ें
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
देवी ब्रह्मचारिणी मंत्र
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
(Om Devi Brahmacharinyai Namah)
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
नवरात्रि पूजा से पूर्व जरूर करें ये पांच काम
मन और शारिरीक स्वच्छता के अलावा घर की स्वच्छता भी जरूरी
पूजा स्थान को गंगा जल से करें शुद्ध
घर या मंदिर के मुख्य द्वार पर बनाएं स्वास्तिक का चिन्ह
पूजा से पूर्व मौन धारण कर बुरे विचार को करें समाप्त
मांस-मछली और लहसुन-प्याज का सेवन बिल्कुल भी न करें
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
देवी ब्रह्मचारिणी को नंगे पांव दर्शाया गया है.
उनकी दो भुजाएं है
दाहिने हाथ में जपने वाली माला है
तो बाएं हाथ में कमंडल धारण करती हैं.
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
घटस्थापना के दौरान बन रहे ये दो योग
घटस्थापना के दौरान बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग. जिसके कारण कलश स्थापना का महत्व और बढ़ जाएगा.
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ब्रह्मचारिणी पूजा का महत्व
यदि जातक के कुंडली में मंगल खराब या कमजोर हो तो विवाह समेत कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसे में देवी ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा उन्हें अवश्य करनी चाहिए.
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
मां ब्रह्मचारिणी का इतिहास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कुष्मांडा रूप के पश्चात देवी पार्वती ने दक्ष प्रजापति के घर में एक नए रूप में जन्म लिया. यह स्वरूप ही मां ब्रह्मचारिणी के नाम से प्रसिद्ध हुआ. इन्हें सती के रूप में भी जाना जाता है.
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा विधिपूर्वक की जाएगी. जिसकी तिथि 14 अप्रैल को पड़ रही है.
11:34 AM. 12 Apr 2111:34 AM. 12 Apr
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री पूजा
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री पूजा करने की परंपरा होती है. इन्हें हिमालय पुत्री भी कहा जाता है. जिन्हें पूजने से चंद्र दोष दूर होता है. उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल होता है.
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
नवरात्रि पूजा में इस्तेमाल में लायी जानी वाली ये 9 पौधों की पत्तियां
केले का पत्र
दारूहलदी (कवी) पत्र
हल्दी पत्र
जयंती पत्र
बेल पत्र
अनार पत्र
अशोक पत्र
धान पत्र
अमलतास पत्र
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
दुर्गा पूजा जैसे और कौन से त्यौहार मनाए जाते है
चैत्र नवरात्र
शारदीय नवरात्रि
नेपाल में दशानन
कर्नाटक में मैसूर दसरा
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
चैत्र नवरात्रि की तिथियां (Chaitra Navratri 2021 Dates)
13 अप्रैल 2021, पहला दिन, मां शैलपुत्री पूजा
14 अप्रैल 2021, दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी पूजा
15 अप्रैल 2021, तीसरा दिन, मां चंद्रघंटा पूजा
16 अप्रैल 2021, चौथा दिन, मां कूष्मांडा पूजा
17 अप्रैल 2021, पांचवां दिन, मां स्कंदमाता पूजा
18 अप्रैल 2021, छठा दिन, मां कात्यायनी पूजा
19 अप्रैल 2021, सातवां दिन, मां कालरात्रि पूजा
20 अप्रैल 2021, आठवां दिन, मां महागौरी पूजा
21 अप्रैल 2021, नौवां दिन, मां सिद्धिदात्री पूजा
22 अप्रैल 2021, दसवां दिन, व्रत पारण
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
चैत्र नवरात्र 2021 पर मां के इन नौ स्वरूपों की करें पूजा
देवी शैलपुत्री (Devi Shailputri)
देवी ब्रह्मचारिणी (Devi Brahmacharini)
देवी चन्द्रघन्टा (Devi Chandraghanta)
देवी कुष्माण्डा (Devi Kushmanda)
देवी स्कन्दमाता (Devi Skandamata)
देवी कात्यायनी (Devi Katyayani)
देवी कालरात्रि (Devi Kalaratri)
देवी सिद्धिदात्री (Devi Siddhidatri)
देवी महागौरी (Devi Mahagauri)
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त या अभिजित मुहूर्त सुबह 11.56 बजे से आरंभ हो रहा है जो 12.47 बजे तक रहेगा.
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त आरंभ: सुबह 11 बजकर 56 मिनट से
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त समाप्त: सुबह 12 बजकर 47 मिनट तक
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
क्यों नवरात्रि में मां का घोड़े की सवारी करके आना अशुभ
धार्मिक ग्रंथों और वरिष्ठ पंडितों की मानें तो नवरात्र पर मां का घोड़ पर आना संकट का संकेत होता है.
इससे देश पर आर्थिक संकट आ सकता है
पड़ोसी देशों से सीमा विवाद की संभावनाएं बढ़ जाती है
प्राकृतिक आपदा जैसे आंधी-तूफान आदि आ सकते हैं
इसके अलावा ये सत्ता पर बैठे लोगों के लिए भी चुनौतियों भरा समय हो सकता है
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
किस सवारी पर आयेंगी मां दुर्गे
इस बार घोड़े की सवारी करके आयेंगी मां दुर्गे. धार्मिक मामलों के जानकारों की मानें तो नवरात्रि पर मां का घोड़े पर आना अशुभ संकेत है.
11:44 AM. 5 Apr 2111:44 AM. 5 Apr
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त व तिथि (Chaitra Navratri Kalash Sthapana Muhurat 2021)
कलश स्थापना का 13 अप्रैल को होना है. जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 5.58 बजे से शुरू हो जाएगा. जो 10.14 बजे तक रहेगा.
कलश स्थापना तिथि: 13 अप्रैल 2021
कलश स्थापना शुभ मुहूर्त आरंभ: सुबह 5 बजकर 58 मिनट से
कलश स्थापना शुभ मुहूर्त समाप्त: सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक
कलश स्थापना की शुभ मुहूर्त कुल अवधि: 4 घंटे 16 मिनट की
8:10 AM. 5 Apr 218:10 AM. 5 Apr
चैत्र नवरात्र 2021 का महत्व
ऐसी मान्यता है कि पूरे नवरात्र जो व्यक्ति मां के सभी स्वरूपों का विधिपूर्वक पूजा करता है. उसके जीवन के कष्ट समाप्त हो जाते है. घर में सुख-शांति और धन-वैभव आता है. मां शत्रुओं का नाश करती है और तरक्की के मार्ग खोलती हैं.
मुख्य बातें
Chaitra Navratri 2021 Start & End Date, Maa Durga, Kalash Sthapna Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: हिंदू धर्म का सबसे पावन पर्व नवरात्र घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है. चैत्र मास की इस नवरात्र में कुल नौ दिनों तक मां दुर्गे के सभी नौ स्वरूपों की पूजा की जायेगी. धार्मिक मामलों के जानकारों की मानें तो इस बार मां दुर्गे घोड़े पर सवार होकर आयेंगी. आइये जानते हैं कलश स्थापना से लेकर, मां के सभी स्वरूपों की पूजा विधि, व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त, सामग्री डिटेल व अन्य जानकारियां…