Slap Day 2024: जानें कब और क्यों मनाया जाता है स्लैप डे, क्या है ये थप्पड़ मारने का अनोखा रिवाज

वैलेंटाइन वीक के बाद अब एंटी वैलेंटाइन वीक की शुरुआत हो चुकी है और आज इसका पहला दिन है जिसे हम स्लैप डे के रूप में मनाते हैं, ऐसे में जानें क्या है इस दिन से जुड़ा इतिहास और इसका महत्व.

Happy Slap Day 2024: विश्वभर में वैलेंटाइन डे धूमधाम से मनाया गया. इसके साथ 7 फरवरी से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलने वाले वेलेंटाइन वीक को भी लोगों ने बड़े ही जुनून के साथ मनाया. वैलेंटाइन डे पर लोगों ने एक दूसरे को तोहफे दिए, अलग-अलग तरह के सरप्राईज प्लान किए और साथ जीने मरने की कसमें भी खाई. लेकिन क्या आप को पता है कि वैलेंटाइन वीक के खत्म होते ही एक एंटी वैलेंटाइन वीक की शुरुआत हो जाती है. एंटी वैलेंटाइन वीक खास तौर पर उन लोगों के लिए होता है जो या तो सिंगल हैं या एक जबरदस्ती के रिश्ते को निभा रहे हैं. एंटी वेलेंटाइन वीक की शुरुआत 15 फरवरी को होती है और आज इसका पहला दिन है जिसे लोग स्लैप डे यानी थप्पड़ दिवस के रूप में मनाते हैं, तो आइए विस्तार से जानते हैं क्या है स्लैप डे.

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तारीख

वैलेंटाइन वीक के खत्म होते ही एंटी वेलेंटाइन वीक की शुरुआत होती है जो कि 8 दिनों का होता है और इसी एंटी वैलेंटाइन्स वीक के पहले दिन को स्लैप डे यानी की थप्पड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है जहां लोग मस्ती के लिए दोस्तों सहित कई लोगों पर थप्पड़ों की बरसात करते हैं. हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि आप इस दिन को थप्पड़ मार कर ही मनाएं, इस दिन का खास तौर से ये मतलब होता है कि आप अपने जीवन से मुश्किलों को और निगेटिविटी को दूर करें.

इतिहास

एंटी वेलेंटाइन वीक के पहले दिन यानी स्लैप डे का यूं तो साफ तौर पर कोई इतिहास नहीं है लेकिन ऐसा कहा जाता है कि ये दिन और खास तौर पर ये पूरा सप्ताह, उन लोगों के लिए है जो एक निगेटिव रिश्ते में और एक जबरदस्ती के बंधन में बंधे हैं, स्लैप डे का ये मतलब नहीं है कि आप अपने पार्टनर को थप्पड़ मारें, बल्कि इसका सही मतलब ये है कि हम इस दिन अपने जीवन से हर निगेटिविटी और जो चीजें हमारे जीवन को कठिन बना रही है, उन्हें हम खुद से दूर कर दें.

महत्व

स्लैप डे इस बात का प्रतीक है कि हमें अपने जीवन से सारी बुराइयों और गलत चीजों को जल्द से जल्द बाहर फेंक देना चाहिए, अगर हम पुरानी और दुखी यादों को लेकर चलेंगे तो इनसे हमारा मन दुखी होगा और साथ ही ज्यादा सोचने से या ज्यादा उदास रहने से हम डिप्रेशन जैसी बीमारियों के भी शिकार हो सकते हैं. हमें अपने जीवन से सारी निगेटिविटी को निकालकर नई शुरुआत करनी चाहिए, हम नए लोगों से मिल सकते हैं या हम अपने जीवन में नई चीजों की शुरुआत कर सकते हैं जिनसे हमें खुशी मिले.

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स्लैप डे पर अपने टॉक्सिक पार्टनर को भेजें ये संदेश

मैं यूं तो इस बात में विश्वास रखती हूं कि लोगों को उनके कर्मों का फल जरूर मिलता है, लेकिन शायद इसमें अभी थोड़ा वक्त है तो तब तक के लिए मेरी तरफ से तुम्हारे लिए एक जोरदार थप्पड़.

मैं तुम्हें थप्पड़ नहीं मारना चाहती थी, वो तो मैं बस तुम्हारे चेहरे को एक हाई फाइव दे रही थी.

तुमने मुझे आज तक जितने भी दुख दिए, उन सब के बदले मेरे पास तुम्हें देने के लिए कुछ नहीं है सिवाए इस थप्पड़ के.

रिपोर्ट- पुष्पांजलि

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By Saurabh poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

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