Health Care : तेज हुआ डेंगू का डंक, जानिए कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

Health Care : एक बार फिर तेजी से डेंगू का प्रकोप बढ रहा है. रांची,जमशेदपुर समेत राज्य के कई जिलों के अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है. अचानक से तेज बुखार, बदन में बहुत तेज दर्द ये डेंगू के लक्षण हो सकते हैं.

Health Care :डेंगू वायरस फैलाने वाले मच्छर से फैलता है. डेंगू के संकेतों और लक्षणों को जानने से शीघ्र पता लगाने और तेजी से ठीक होने में मदद मिल सकती है यह वायरस मच्छर के काटने से इंसान के खून में प्रवेश करता है. मच्छर अपनी लार में वायरस रखता है आपके रक्त में प्रवेश करने के बाद वायरस बढ़ना शुरू हो जाता है मच्छर जनित यह जानलेवा बीमारी डेंगू दिन के समय मादा मच्छर के काटने से होती है. इसे हड्डी तोड़ बुखार केे रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसमें हड्डियों के टूटने जैसा दर्द होता है. तेज बुखार डेंगू का सबसे आम लक्षण है शुरुआती लक्षण गंभीर सिरदर्द से शुरू होते हैं

आँखों के पीछे तीव्र दर्द

मतली या उलटी

मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द

मच्छर के काटने के चार से दस दिन बाद ही किसी को लक्षण महसूस होने शुरू हो सकते हैं. ये लक्षण तीन से सात दिनों तक रह सकते हैं.

क्या हैं डेंगू के घरेलू उपचार

नीम की पत्ती – नीम की पत्ती का अर्क डेंगू वायरस के विकास को रोक सकता है संक्रमण को रोकने में मदद के लिए नीम की पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं.कुछ ताजी नीम की पत्तियों को पानी में उबालें. इस पानी को पीने से आपको जल्दी ठीक होने में मदद मिल सकती है.

पपीता – पपीते की पत्तियों का उपयोग डेंगू बुखार के इलाज के लिए किया जाता है पपीते का पत्ता लोगों में प्लेटलेट काउंट, सफेद रक्त कोशिकाओं और न्यूट्रोफिल को बढ़ाने में मदद कर सकता है. प्लेटलेट काउंट में वृद्धि से रक्तस्राव को रोकने में मदद मिल सकती है, जिससे बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है. पानी के साथ ताजा पपीते के पत्तों को पीसकर रस तैयार किया जाता है

कालमेघ, जिसे एंड्रोग्राफिस पेनिकुलाटा के नाम से भी जाना जाता है, एक औषधीय जड़ी बूटी है जो कई प्रकार की बीमारियों में प्रभावी है. डेंगू के लक्षणों से राहत के लिए आप एक गिलास पानी के साथ कालमेघ का रस पी सकते हैं.

करैला -डेंगू से राहत पाने के लिए आप करेले का जूस भी बना सकते हैं.

तुलसी – डेंगू वायरस के खिलाफ तुलसी की पत्तियों की निरोधात्मक क्रिया देखी गई तुलसी में जीवाणुरोधी गुण होते हैं. तुलसी का पानी फायदा पहंुचाता है.

गिलोय रोगी को चयापचय दर को बनाए रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने में मदद करती है इसके तने को उबालकर हर्बल ड्रिंक के रूप में पी सकते हैं

कसूरी मेथी की पत्तियां बुखार को कम करने और दर्द को कम करने में मदद करती हैं.इन्हें पानी में भिगोया जा सकता है और फिर मिश्रित करके इसका रस बनाया जा सकता है.

मेथी पाउडर के सेवन से डेंगू बुखार से लड़ने के लिए एंटीवायरल गुण के साथ सिरदर्द, मतली और बुखार में मदद करती है.

चिकित्सा सहायता कब ले ?

यदि समय पर इलाज न किया जाए तो डेंगू गंभीर संक्रमण का रूप ले सकता है जो घातक हो सकता है. किसी भी लक्षण का अनुभव हो तो आपको अपने स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. डेंगू के पीड़ित अस्पतालों में उचित उपचार और चिकित्सा प्रक्रियाओं से आसानी से ठीक हो जाते हैं

डेंगू से बचाव के उपाय

डेंगू की रोकथाम के लिए आप अपने दैनिक जीवन में कुछ आसान तरीकों का पालन करके इसे फैलने से रोक सकते हैं

जल भंडारण टैंकों को खुला न छोड़ें

रुका हुआ पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है इसलिए घर में और इसके आसपास पानी जमा ना होने दें

अपने कूलर को नियमित रूप से सुखाएं ताकि मच्छर उसमें अंडे न दे सकें

दिन और रात दोनों समय खुले क्षेत्रों पर मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाने से मच्छर काटने से रोक सकते हैं

बारिश के बाद हमेशा अपने आस-पास के कूड़ेदानों में जमा पानी की जाँच करें

अपनी त्वचा को ढकने के लिए लंबी बाजू वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनें या मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं

खिड़कियों और दरवाज़ों की स्क्रीन को सुरक्षित और छेद रहित रखें इस तरह आप मच्छरों को अपने संपर्क में आने से रोक सकते हैं

कूड़ेदानों को हमेशा दैनिक आधार पर साफ करें और कई दिनों तक एक जगह पर गंदगी जमा न होने दें

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Published by: Meenakshi rai

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