बेकाबू गुस्से पर करिए कंट्रोल, हेल्दी रिलेशनशिप का है बेजोड़ मंत्र

Relationship : 'लगता है हम एक साथ नहीं रह सकते, तुम्हारा रास्ता अलग मेरा रास्ता अलग'.. कई लोगों के वैवाहिक जीवन में ऐसे भी वक्त आते हैं जब गुस्से में ऐसे शब्द निकल ही जाते हैं. प्यार के बीच बढ़ी नाराजगी बेकाबू गुस्से में बदल जाती है जिससे हेल्दी रिलेशनशिप पर साइडइफेक्ट पड़ता है.

Relationship : एक दूसरे का हाथ थाम कर जिंदगी के सफर पर साथ चलने वाले हमसफर के बीच कभी प्यार – कभी तकरार होना लाजिमी है. विवाह के कुछ साल तक हम एक दूसरे की गलतियों को इग्नोर कर देते हैं फिर वक्त बीतने के साथ ऐसा भी होने लगता है कि बात – बात पर गुस्सा जाहिर होने लगता है. अच्छे रिश्ते के लिए इस बेकाबू गुस्से पर कंट्रोल बहुत जरूरी है. कभी-कभी हम अपने लाइफ पार्टनर की किसी बात पर इतने नाराज हो जाते हैं कि मन करता है उसके पास जाकर अपने सारे जज्बात को जाहिर कर दें. गुस्सा इतना हावी हो जाता है कि उस वक्त दिमाग पर कंट्रोल नहीं होता. शब्दों पर भी नियंत्रण नहीं होता जिसके चलते आपस के रिश्ते इस गुस्से में कड़वाहट में भर जाते हैं. लेकिन एक स्वस्थ रिश्ते को बनाए रखने के लिए हमें गुस्से पर कंट्रोल करना बहुत जरूरी है. हालांकि गुस्सा आना एक मानवीय व्यवहार है लेकिन इसे मैनेज करना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे रिश्तों पर असर पड़ने से फर्क पड़ सकता है.

शांत से बैठ कर करिए बात 

कभी-कभी अनकंट्रोल गुस्सा आने से यह लड़ाई को जन्म देता है जिससे स्थाई रिश्ते को बनाए रखना काफी कठिन हो जाता है. कभी-कभी हम आवेश में आकर आपसी रिश्ते को तोड़ने का फैसला ले लेते हैं और अलग होने की राह भी तलाशने लगते हैं. ऐसे में यह रिश्ते जो इतने सालों से बने हुए थे वह नष्ट हो सकते हैं. इसलिए किसी भी बात पर नाराजगी होने पर शांत से बैठ कर उस पर चिंतन करना चाहिए. इससे लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने में काफी मदद मिलती है.

आवेग में आकर नहीं लें निर्णय  

कई बार छोटी सी बात दिल पर लगने से काफी गुस्सा आता है. जिसके कारण हम आवेग में आकर ऐसे भी निर्णय ले लेते हैं जो हमें बाद में पछताने वाले रास्ते पर लेकर जाते हैं इसलिए जब भी आप को चिड़चिड़ापन महसूस करें तो पहले शांत हो जाए और अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें. कोई भी निर्णय लेने से पहले सोचे कि जल्दबाजी में लिए गए निर्णय से क्या तस्वीर नजर आएगी और इसका एक वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकता है जिस पर यह रिश्ता भी बना रहे.

फिजिकल और मेंटल हेल्थ होता है प्रभावित 

गुस्से से भरा रिश्ता दोनों पार्टनर के फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर भारी असर डालता है. ऐसे अनसुलझे झगड़ों से तनाव और भावनात्मक थकावट होती है जिससे हमारा स्वास्थ्य प्रभावित होता है. लेकिन अगर हम अपने गुस्से पर नियंत्रण रखते हैं और खुद को शांत रखते हैं तो आप अपनी मानसिक शक्ति को और समय को बचा सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं.

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लड़ाई को ज्यादा नहीं खींचे

गुस्सा होने पर लड़ाई भी होती है लेकिन किसी भी लड़ाई को लंबी नहीं खींचे यदि आप अपने गुस्से पर नियंत्रण रखेंगे तो अच्छी तस्वीर देखने को मिलेगी. विचारों में मतभेद होना सामान्य बात है लेकिन किसी भी लड़ाई को बहुत लंबा खींचने से अच्छा है उसे जल्द ही समाप्त कर दें. इसलिए दोनों भागीदारों को बिना चिल्लाए बिना आपा खोए अपनी भावनाओं को व्यक्त करना चाहिए. जिन मुद्दों पर आपके विचार नहीं मिलते हैं या आपसी मतभेद होता है उनके लिए एक साथ बैठकर समाधान ढूंढना बहुत जरूरी होता है.

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लड़ाई होने पर गुस्से को बहुत ज्यादा नहीं खींचने पर आपका व्यवहार यह भी साबित करता है कि आप अपने सामने वाले लाइफ पार्टनर का कितना सम्मान करते हैं और उसका कितना ख्याल रखते हैं. इसलिए जब भी आपको गुस्सा आए तो उसे उचित तरीके से नियंत्रित करें यह आप दोनों के बीच एक सहानुभूति और सम्मान का द्वार खुलता है. लाइफ पार्टनर को एक दूसरे के प्रति अपने-अपने दृष्टिकोण की बजाए अपने लाइफ पार्टनर के दृष्टिकोण से भी देखना चाहिए इससे गहरे भावनात्मक संबंधों को बढ़ावा मिलता है और आप एक साथ हाथ में हाथ डाल कर सुनहरे भविष्य के लिए सपने बुन सकते हैं.

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Author: Meenakshi Rai

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