The Immortals Of Meluha में रणवीर सिंह नहीं निभाएंगे भगवान शिव का किरदार, लेखक ने किया खुलासा

The Immortals Of Meluha: रणवीर सिंह के 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' में भगवान शिव बनने की खबर निकली झूठी. लेखक आमिश त्रिपाठी ने खुद बताया पूरा सच. जानें क्या है पूरा मामला.

The Immortals Of Meluha: पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हो रही थीं कि एक्टर रणवीर सिंह जल्द ही मशहूर किताब ‘द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पर बनने वाली फिल्म में भगवान शिव का किरदार निभाने वाले हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रणवीर ने इस किताब के फिल्म राइट्स भारी रकम देकर खरीद लिए हैं और अपनी प्रोडक्शन कंपनी के साथ इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू कर दिया है. लेकिन अब इस मामले पर खुद लेखक आमिश त्रिपाठी ने चुप्पी तोड़ी है और सच बता दिया है.

लेखक अमीश त्रिपाठी ने क्या कहा?

जब यह खबर चारों तरफ फैल गई, तो इस किताब के असली लेखक अमीश त्रिपाठी ने खुद सामने आकर सच बताया. 12 मई को आई वैरायटी इंडिया की एक रिपोर्ट में अमीश ने साफ कहा कि यह खबर पूरी तरह गलत है.

उन्होंने बताया कि उनकी किताब के राइट्स अभी भी उनके पास ही हैं और उन्होंने किसी के साथ कोई डील साइन नहीं की है. अमीश ने यह भी कहा कि वह रणवीर सिंह की बहुत इज्जत करते हैं और उनके बड़े फैन हैं, लेकिन फिलहाल इस फिल्म को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वे सिर्फ अफवाह हैं.

कैसे शुरू हुई थी ये अफवाह?

11 मई को Pinkvilla की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रणवीर सिंह अपनी खुद की कंपनी ‘मां कसम फिल्म’ के जरिए इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. खबर थी कि वह आदित्य बिड़ला के ‘बिड़ला स्टूडियो’ के साथ मिलकर इस किताब पर तीन फिल्में बनाएंगे और इसका काम 2028 तक शुरू हो जाएगा. लोग बहुत खुश थे कि रणवीर सिंह को शिव के रूप में देखेंगे, लेकिन लेखक के बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि अभी ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है.

क्या है ‘द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा’?

यह एक बहुत ही मशहूर कहानी है जिसे अमीश त्रिपाठी ने लिखा है. यह कहानी 1900 BC के समय की है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे तिब्बत से आए एक साधारण इंसान ‘शिव’ अपनी अच्छाई और बहादुरी की वजह से मेलुहा साम्राज्य के रक्षक बन जाते हैं. लोग उन्हें ‘नीलकंठ’ मानने लगते हैं जो बुराई को खत्म करने आया है. इस किताब पर फिल्म बनाने की कोशिश बहुत सालों से हो रही है, लेकिन अब तक कोई भी बात फाइनल नहीं हो पाई है.

पहले भी बन चुकी है फिल्म की चर्चा

इस किताब पर फिल्म बनाने की बातें नई नहीं हैं. साल 2012 में करण जौहर ने भी इस कहानी को फिल्म में बदलने की योजना बनाई थी. उस समय लोगों को लगा था कि फिल्म का नाम ‘शुद्धि’ होगा, लेकिन बाद में साफ हुआ कि दोनों प्रोजेक्ट अलग थे.

कुछ समय बाद खबर आई कि प्रोजेक्ट बंद हो गया और फिल्म नहीं बन पाई.

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Published by: Sheetal Choubey

शीतल चौबे एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं, जो बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स, ओटीटी रिलीज, फिल्मी गॉसिप्स, ट्रेंडिंग विवाद और सेलेब्रिटी इंटरव्यूज पर सक्रिय रूप से काम करती हैं. उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हर हलचल पर नजर रखना पसंद है, चाहे वो किसी फिल्म की कमाई हो, नया रिकॉर्ड हो, या फिर किसी वेब सीरीज का ओटीटी पर धमाका. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स को समझना और उन्हें आसान, दिलचस्प और रीडर-फ्रेंडली भाषा में ऑडियंस तक पहुंचाना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरों पर रहता है जो न सिर्फ जानकारी दें, बल्कि पाठकों को स्क्रॉल रोकने पर मजबूर कर दें. मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से हुई. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन और एंटरटेनमेंट दोनों बीट्स पर काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के साथ वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग की स्किल भी हासिल की. करीब एक साल के अनुभव के बाद 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं, जहां वह वर्तमान में बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. वह लगातार डिजिटल मीडिया में खुद को अपडेट करते हुए एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में अपनी एक मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

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