Harrdy Sandhu के पास कभी कार की किश्त भरने तक के लिए नहीं थे पैसे, आज हैं करोड़ों के मालिक

पंजाब के फेमस सिंगर हार्डी संधू के फैंस शायद ही जानते होंगे कि वह कभी एक तेज गेंदबाज थे, जो अंडर-19 विश्व कप में खेल चुके हैं. हालांकि कोहनी में चोट लगने की वजह से वह बाद में सिंगर बन गए. आज हम आपको हार्डी के बारे में कुछ दिलचस्प किस्से सुनाएंगे.

सोच, नाह और बिजली-बिजली जैसे हिट पंजाबी नंबर देने के बाद हार्डी संधू मनोरंजन जगत के लोकप्रिय सिंगर में से एक हैं. सिंगिंग के साथ-साथ हार्डी फिल्मों में भी काम कर चुके हैं. रणवीर सिंह की फिल्म 83 में उन्होंने मदन लाल की भूमिका निभाई थी. हालांकि बहुत कम फैंस को ये पता होगा कि हार्डी एक तेज गेंदबाज थे, जिन्होंने अपनी कोहनी की चोट के बाद सिंगिंग में कदम रखा.

इस क्रिकेटर ने हार्डी संधू को दिया नया नाम

हार्डी ने U-19 विश्व कप में शिखर धवन और कई अन्य क्रिकेटरों के साथ खेला था. इसके अलावा, वह पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा थे, जिन्होंने उन्हें सिंगर को नया नाम, हार्डी दिया था, क्योंकि वह उनका रियल नाम, हरविंदर सिंह संधू का उच्चारण नहीं कर सकते थे. रॉबिन ने उन्हें अपना स्क्रीन नाम कैसे दिया, इस बारे में बात करते हुए, हार्डी ने 2020 में मैन्स वर्ल्ड इंडिया को बताया था, ”मुझे नहीं लगता कि उथप्पा को याद होगा, लेकिन यह उस समय के आसपास था, जब हम बेंगलुरु में भारत अंडर 19 के लिए खेल रहे थे. उथप्पा केवल 17 साल के थे. उन्हें मेरे नाम का उच्चारण करना मुश्किल लगता था. तो, हार्डी बुलाने लगे, जिसके बाद मेरे नाम के साथ ये जुड़ गया.

कार की किश्त भरने के लिए नहीं थे पैसे

उन्होंने उसी इंटरव्यू में कहा, “सोच के बाद 2013- 2014 में, मैंने सात से आठ शो किए. एक पंजाबी के रूप में, मुझे लक्जरी कारें काफी ज्यादा पसंद थी और मैंने अपने लिए एक खरीदने का फैसला किया. मैंने तीन हिट गाने दिए थे, लेकिन एक समय के बाद, मुझे कोई शो नहीं मिल रहा था. मेरे सभी गाने धीमे थे और बहुत सारे फैंस होने के बावजूद मैं कहीं भी कुछ नहीं कर रहा था. एक समय ऐसा आया जब मेरे पास अपनी खरीदी हुई कार की किश्त तक भरने के लिए पैसे नहीं बचे. मैं उन दिनों से गुजरा हूं, जब मेरा बैंक बैलेंस कम था. यह वह समय था, जब मैंने पैसा बनाने और अधिक फिल्में करना शुरू किया.

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हार्डी का वर्कफ्रंट

वर्कफ्रंट की बात करें तो हार्डी को आखिरी बार परिणीति चोपड़ा के साथ फिल्म कोड नेम: तिरंगा में देखा गया था. उन्होंने फिल्म के लिए गाना ”की करिए” भी गाया था. हालांकि, यह बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, लेकिन उनके गाने फैंस को काफी ज्यादा पसंद आए और ये चार्ट बॉक्स पर ट्रेडिंग गए. इसके अलावा उन्होंने पंजाबी इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए हैं.

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Published by: Ashish lata

आशीष लता हिंदी डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट हैं. पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उन्हें 8 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है. फिलहाल वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर और एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रही हैं. यहां वह बॉलीवुड, टेलीविजन, ओटीटी, वेब सीरीज, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और प्रीमियम डिजिटल कंटेंट पर फोकस करती हैं.

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आशीष लता ने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws + 1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है. यही वजह है कि उनका कंटेंट भरोसेमंद, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है.

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