disha jha :प्रकाश झा की बेटी हूं तो बिहार से खास जुड़ाव होना ही है

निर्देशक प्रकाश झा की निर्माता बेटी दिशा झा ने इस इंटरव्यू में अपनी हालिया रिलीज वेब सीरीज संकल्प के अलावा अपने पिता प्रकाश झा पर भी बात की है

disha jha :नाना पाटेकर अभिनीत वेब सीरीज ‘संकल्प’इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम हो रही है. प्रकाश झा के निर्देशन में बनी इस वेब सीरीज की निर्माता उनकी बेटी दिशा झा हैं. इस वेब सीरीज, अपने पिता और अब तक की अपनी जर्नी को लेकर उन्होंने कई बातें साझा कीं.

सीरीज ‘संकल्प’ की जर्नी रही शानदार

वेब सीरीज ‘संकल्प’ की मेरी जर्नी बहुत अच्छी रही है. बहुत कुछ सीखा है. तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद सीरीज रिलीज हुई है. हम एमएक्स प्लेयर के लिए यह सीरीज बना रहे थे, लेकिन उसी समय वह अमेजन में मर्ज हो गया. कॉरपोरेट का अपना काम करने का तरीका होता है, जिससे चीजें देर होती चली गयीं, लेकिन आखिरकार यह सीरीज अब जाकर रिलीज हो गयी.

नाना सर अंदर से हैं बच्चे जैसे

नाना सर उन चुनिंदा लोगों में से हैं, जो मुझे बचपन से जानते हैं. मैं ‘राजनीति’फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर थी, इसलिए मैंने उनके साथ काम किया है. वह सभी को सख्त दिखते हैं, लेकिन अंदर से बिल्कुल एक बच्चे जैसे हैं. वह सेट पर काम करने के साथ-साथ हंसी-मजाक भी करते हैं. उन्हें खाना बनाना और खिलाना बहुत पसंद है. वह अक्सर सेट पर सभी के लिए मटन बनाते थे.

सेट पर बाबा को ‘सर’कहकर बुलाती हूं

मैं और बाबा जब अकेले में होते हैं, तभी मैं उन्हें ‘बाबा’ कहती हूं, लेकिन सेट पर या किसी भी प्रोफेशनल जगह पर मैं उन्हें ‘सर’ ही कहती हूं. कभी भी काम के दौरान हमारा पर्सनल रिश्ता सामने नहीं आता है. मैं बताना चाहूंगी कि ‘राजनीति’ के सेट पर सर से मुझे बहुत डांट पड़ी है, हालांकि अब नहीं पड़ती है. ‘संकल्प’से सर शुरू में शो-रनर के तौर पर जुड़ने वाले थे, लेकिन जैसे-जैसे शो डेवलप हुआ, यह तय हुआ कि वह निर्देशन भी करें, क्योंकि उससे प्रोजेक्ट को ज्यादा मजबूती मिलेगी.

बिहार जाती रहती हूं

मेरे बाबा बिहारी हैं, तो बिहार से मेरा जुड़ाव होना ही है. मैं साल में दो बार बिहार जाती ही हूं. बचपन में मैंने काफी समय बिहार में बिताया है. नालंदा और गया बहुत घूमी हूं. मुझे वहां का खाना बहुत पसंद है. घर में आलू-भुजिया, सत्तू का पराठा, खिचड़ी और चोखा मुझे बेहद पसंद हैं. इसके अलावा निमकी और मेरी बुआ के हाथ का बना ठेकुआ भी बहुत पसंद है. मार्केट की चीजों की बात करूं, तो सुधा का पेड़ा मुझे बहुत पसंद है.

मैं प्रोडक्शन को ज्यादा एन्जॉय करती हूं

मेरे बाबा प्रकाश झा निर्देशक है. मां दीप्ती नवल एक्ट्रेस हैं, लेकिन मुझे प्रोडक्शन ज्यादा पसंद है. मैंने सर की फिल्मों के सेट पर काम करते हुए यह महसूस किया कि मुझे निर्देशन नहीं, प्रोडक्शन ज्यादा पसंद है, तो मैं उससे जुड़ गयी. मां और बाबा ने भी मुझे हमेशा सपोर्ट किया.उन्होंने हमेशा मेरी चॉइस को समझा है.

आनेवाले प्रोजेक्ट्स

फ्रेंचाइजी की बात करूँ तो राजनीति 2 के स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है. आश्रम 4 भी आनेवाला है. इसके अलावा भी अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है.

वरुण धवन बहुत पसंद हैं

एक्टर्स की विशलिस्ट की बात करूँ तो एक निर्माता होने के नाते मैं हर एक्टर्स के साथ काम करना चाहती हूँ लेकिन मेरे पर्सनल फेवरेट की बात करूँ तो मुझे वरुण धवन बहुत पसंद है। उम्मीद करती हूँ कि ऐसी कोई स्क्रिप्ट मेरे पास आये, जो वरुण धवन को पसंद आये और उनके साथ काम करने का मुझे मौक़ा मिले।

बाबा की ये फिल्म है सबसे पसंद

मेरे बाबा ने कई फिल्मों और वेब सीरीज का लेखन और निर्देशन किया है, लेकिन मेरी आल टाइम फेवरेट फिल्म परिणति है. नंदिता दास उस फिल्म में लीड भूमिका में हैं.1989 में फिल्म रिलीज हुई थी और उत्तर प्रदेश या बिहार नहीं बल्कि फिल्म राजस्थान के बैकड्रॉप पर बनी थी.

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लेखक के बारे में

By Urmila Kori

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