क्या सुशांत-दिशा केस में आरोपी हैं आदित्य ठाकरे? CBI जांच के नए मोड़ का पूरा सच

सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत के बीच महज छह दिन का अंतर था, जिसने कई सवालों और थ्योरीज को जन्म दिया. इसी कड़ी में महाराष्ट्र के नेता आदित्य ठाकरे का नाम भी राजनीतिक गलियारों में गूंजा. आखिर दिशा केस में उनका नाम कैसे आया? क्या वह इस केस में आरोपी हैं? और बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए CBI जांच के आदेश का सुशांत केस पर क्या असर पड़ेगा? जानें इन सभी सवालों के जवाब और आरोपों की असली सच्चाई.

Sushant Singh Rajput Case Aditya Thackeray: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले पर हमारी सीरीज ‘सुशांत: सुसाइड या हत्या?’ में अब तक आपने उन लोगों और कड़ियों के बारे में जाना, जिनका नाम इस मामले की चर्चाओं में सामने आया. इस कड़ी में बात उस नाम की, जिसने सुशांत की मौत के साथ-साथ दिशा सालियान केस को लेकर भी राजनीतिक बहस को तेज किया - आदित्य ठाकरे.

दिशा सालियान की मौत और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बीच सिर्फ छह दिनों का अंतर था. इसी वजह से दोनों घटनाओं को जोड़कर कई दावे किए गए. इन्हीं दावों के बीच महाराष्ट्र के नेता आदित्य ठाकरे का नाम भी चर्चा में आया. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उनका नाम इस मामले में आखिर आया कैसे? क्या वह इस केस में आरोपी हैं? और अब CBI जांच के बाद क्या कुछ बदल सकता है? आइए समझते हैं पूरा मामला.

सुशांत और दिशा की मौत के बीच क्या कनेक्शन है?

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. इससे छह दिन पहले 8 जून को उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी.

दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने की वजह से दिशा और सुशांत की मौत को जोड़कर कई तरह के दावे सामने आने लगे. सोशल मीडिया पर कई थ्योरी चलीं और राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर सवाल उठाए गए.

दिशा की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी. बाद में उनके परिवार की ओर से जांच को लेकर सवाल उठाए गए और मामले की नए सिरे से जांच की मांग की गई.

आदित्य ठाकरे का नाम कैसे आया?

आदित्य ठाकरे का नाम मुख्य रूप से दिशा सालियान की मौत से जुड़े आरोपों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच सामने आया.

दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे. उन्होंने मामले में FIR दर्ज कर जांच की मांग की थी. उनकी याचिका में कई आरोप लगाए गए थे और कथित पार्टी समेत कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया गया था.

आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को खारिज किया है. उनकी ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि उनके खिलाफ बार-बार लगाए जा रहे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है.

अब फिर क्यों चर्चा में आया दिशा केस?

2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया. अदालत ने CBI को FIR दर्ज करने और दिशा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र जांच करने का निर्देश दिया. अदालत ने शुरुआती पुलिस जांच में कई विसंगतियों का जिक्र किया और कहा कि मामले की जांच ऐसे तरीके से हुई, जिससे कई सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े हुए.

हालांकि, हाई कोर्ट ने अपने आदेश में किसी खास व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित होने की बात नहीं कही. अदालत ने साफ किया कि पर्याप्त आधार और जांच से सामने आने वाले मटेरियल के बिना किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए.

क्या आदित्य ठाकरे इस केस में आरोपी हैं?

यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है.

आदित्य ठाकरे का नाम दिशा सालियान के पिता की ओर से लगाए गए आरोपों और कानूनी याचिका में आया है. लेकिन किसी शिकायत या याचिका में नाम होना और अदालत या जांच में आरोपी साबित होना दो अलग बातें हैं.

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आदित्य ठाकरे को दिशा सालियान की मौत के मामले में दोषी साबित नहीं किया गया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी CBI जांच का आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि जांच में पर्याप्त सामग्री सामने आने से पहले किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए.

अब CBI दिशा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और शिकायतकर्ता का बयान भी दर्ज करेगी. इसके बाद जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

सुशांत केस में CBI की जांच का क्या हुआ?

यहां सुशांत और दिशा के मामलों के बीच फर्क समझना भी जरूरी है.

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में CBI ने 2025 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. जांच एजेंसी को सुशांत की मौत में किसी तरह के फॉल प्ले या आपराधिक साजिश का सबूत नहीं मिला था.

इसलिए दिशा सालियान मामले में अब शुरू हुई CBI जांच को सुशांत केस की जांच दोबारा शुरू होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता. दोनों मामले अलग हैं, हालांकि दिशा की मौत को लेकर उठे सवालों की वजह से दोनों घटनाओं का जिक्र अक्सर साथ में होता रहा है.

ये भी पढ़ें: दिशा सालियान केस में फाइनली सूरज पंचोली ने खोली जुबान, आदित्य ठाकरे संग कनेक्शन पर दिया ऐसा जवाब

अब CBI जांच से क्या साफ होगा?

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच होगी. CBI उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी सबूतों की जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दिशा की मौत के पीछे वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं.

जांच में अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त और ठोस सामग्री सामने आती है, तभी उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुलेगा. फिलहाल किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना जल्दबाजी होगी.

सुशांत और दिशा की मौत को लेकर पिछले छह साल में कई दावे और थ्योरी सामने आई हैं. लेकिन आरोप, शिकायत, सोशल मीडिया की चर्चा और अदालत में साबित तथ्य एक जैसी चीजें नहीं हैं.

'सुशांत : सुसाइड या हत्या?' सीरीज की इस कड़ी में सामने आई कहानी का सबसे अहम तथ्य यही है कि आदित्य ठाकरे का नाम आरोपों और कानूनी कार्यवाही में आया है, लेकिन उन्हें इस मामले में दोषी साबित नहीं किया गया है. अब CBI जांच के बाद ही साफ होगा कि दिशा सालियान की मौत की असल परिस्थितियां क्या थीं और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.

ये भी पढ़ें: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उठे सवालों में क्यों आए सूरज, डीनो, रिया और आदित्य ठाकरे? पढ़िए पूरी कहानी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By आशा कुमारी

आशा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में एंटरटेनमेंट कंटेंट राइटर हैं. वह बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, OTT, बॉक्स ऑफिस, टीवी शोज और सोशल मीडिया पर वायरल एंटरटेनमेंट अपडेट्स कवर करती हैं. उनकी कोशिश यही रहती है कि हर बड़ी एंटरटेनमेंट खबर पूरी फैक्ट-चेकिंग, सटीक जानकारी और आसान भाषा के साथ सबसे पहले पाठकों तक पहुंचाई जाए.

आशा को एंटरटेनमेंट बीट हमेशा से पसंद रहा है, इसलिए वह एंटरटेनमेंट की हर बड़ी खबर, ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण अपडेट्स पर नजर रखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि खबरें सिर्फ जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि दिलचस्प और आसान भाषा में हों, ताकि रीडर्स इनसे जुड़ाव महसूस करें.

शिक्षा (Education)

झारखंड की रहने वाली आशा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से इंग्लिश जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

पत्रकारिता की शुरुआत 

आशा को कंटेंट राइटिंग में ढाई साल का अनुभव है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘द पैम्फलेट’ (The Pamphlet) में न्यूज राइटर के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने आउटलुक (Outlook) में लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर के तौर पर काम किया. इसके साथ ही, आशा ने ईटीवी भारत (ETV Bharat) और हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में इंग्लिश कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >