Jaat बॉक्स ऑफिस पर दिखाएगी दम या होगी फ्लॉप? जानिए ये 5 वजह देखने या छोड़ने की

Jaat: 'जाट' एक देसी फ्लेवर वाली फिल्म है जिसमें सनी देओल अपने पुराने रौब और एक्शन अवतार में नजर आते हैं. ट्रेलर ने भले ही थोड़ा बज बना दिया हो, लेकिन क्या सिर्फ देओल साहब का नाम ही फिल्म को हिट बनाने के लिए काफी है? इस आर्टिकल में हम जानेंगे 5 ऐसी वजहें जो बताएंगी कि आपको ये फिल्म थिएटर में जाकर देखनी चाहिए या फिर वेट करना चाहिए ओटीटी पर आने का.

Jaat: बॉलीवुड इंडस्ट्री के असली एक्शन हीरो सनी देओल एक बार फिर दमदार अंदाज में वापसी कर रहे हैं अपनी नई फिल्म ‘जाट’ के साथ. जिस तरह से उन्होंने अपनी फिल्म गदर 2 में जबरदस्त प्रदर्शन किया था, उस वजह से उनकी फैंस की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. लकिन सवाल ये है की क्या ‘जाट’ उन उम्मीदों पर खरी उतरेगी या ये फिल्म सिर्फ नाम की धमाकेदार निकलेगी? तो आइए जानते हैं वो 5 वजहें जो तय करेंगी कि ये फिल्म देखने लायक है या नहीं.

कुछ नया देखने को मिलेगा

‘जाट’ की कहानी एकदम ताजा लगती है. आजकल जहां ज्यादातर फिल्में रिपीटेड प्लॉट पर बनी होती हैं, वहीं ये फिल्म एक नया टच लेकर आती है. कहानी में देसीपन तो है ही, साथ ही इमोशन और ड्रामा भी ऐसा है जो दर्शकों को जोड़कर रख सकता है. अगर आप कुछ अलग और फ्रेश देखना चाहते हैं, तो इसकी स्टोरी आपको पसंद आ सकती है.

सनी पाजी की दमदार वापसी

‘गदर 2’ के बाद सनी देओल को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखना उनके फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है. पूरे दो साल बाद सनी पाजी फिर उसी रौब और गुस्से वाले अंदाज में लौटे हैं, जिसे लोग अब भी खूब पसंद करते हैं.

साउथ का तड़का, बॉलीवुड का स्वैग

‘जाट’ में एक खास बात ये है कि इसमें साउथ और बॉलीवुड का जबरदस्त मिक्स देखने को मिलता है. लीड हीरो और विलेन तो बॉलीवुड के हैं, लेकिन फिल्म की कहानी, डायरेक्शन और प्रोडक्शन साउथ की स्टाइल में है. यही बात इसे दूसरी फिल्मों से अलग बनाती है और इसे देखने में मजा भी आने वाला है.

म्यूजिक में है साउथ वाली दम

फिल्म का म्यूजिक थमन एस ने दिया है, जो साउथ इंडस्ट्री के बड़े नाम हैं. गाने हों या बैकग्राउंड स्कोर दोनों ही खूब असर छोड़ते हैं. फिल्म में कुल 3 गाने हैं, और तीनों ही अपने स्टाइल में झकास हैं. खास बात ये कि उर्वशी रौतेला का आइटम नंबर भी है, जो स्क्रीन पर खूब आग लगाता है.

ज्यादा हिंसा थोड़ी खलती है

फिल्म में एक-दो जगह हिंसा कुछ ज्यादा ही दिखा दी गई है. खासकर इंसानों के सिर काटने वाले सीन थोड़ा अनकंफर्टेबल कर सकते हैं. ऐसे सीन को थोड़ा सॉफ्ट या ब्लर किया जाता, तो बेहतर होता. ये एक चीज है जो कुछ दर्शकों को खटक सकती है.

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Author: Samiksha Singh

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