Dunki और Pathaan की सफलता पर शाहरुख खान ने तोड़ी चुप्पी, कहा- फिल्मी करियर नहीं चला तो...

शाहरुख ने कहा कि पिछले साल जनवरी में "पठान" की रिलीज से पहले वह डरे हुए थे क्योंकि वह सिर्फ फिल्म बनाना ही जानते हैं. उन्होंने मजाक में कहा कि महामारी के दौरान उन्होंने इटालियन व्यंजन बनाना सीखा ताकि यदि उनका फिल्मी करियर नहीं चला तो इसमें हाथ आजमा सकते हैं.

बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. उनकी सोशल मीडिया पर तगड़ी फैन-फॉलोइंग है. फैंस उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं. पिछले साल किंग खान ने ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ जैसी तीन सुपरहिट फिल्मों के साथ बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. मूवी ने ताबड़तोड़ कमाई की. अब एक्टर ने कहा कि “मैं खुद को इस वर्ष का भारतीय महसूस नहीं करता. मुझे लगता है कि मैं पिछले सभी वर्षों का भारतीय रहा हूं. मैं आने वाले सभी वर्षों के लिए भारतीय रहूंगा. मैं वास्तव में सभी दौर का भारतीय हूं.” उन्होंने दर्शकों को बड़ी संख्या में उनकी फिल्में देखने जाने पर धन्यवाद दिया.

अपनी फिल्मों को लेकर क्या कहा शाहरुख खान ने

उन्होंने कहा “आपमें से कुछ को ये (फिल्में) पसंद भी नहीं आई होंगी, लेकिन मुझे उम्मीद है कि अंदर से आप मेरे और मेरे परिवार का सपोर्ट करने के लिए वहां आए होंगे. मैं आपको नमन करता हूं और मेरे परिवार में खुशी लाने और मुझे एक बार फिर स्टार बनाने के लिए धन्यवाद देता हूं.” शाहरुख ने यह पुरस्कार अपने परिवार को समर्पित किया, जो हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरा है.

आर्यन खान की गिरफ्तारी पर क्या बोले शाहरुख खान

साल 2018 में “जीरो” की रिलीज के बाद शाहरुख ने ब्रेक ले लिया था, क्योंकि उनकी कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं. कठिन समय भी आया जब उनके बड़े बेटे आर्यन खान को 2021 में मुंबई क्रूज नशीले पदार्थों के मामले में गिरफ्तार किया गया और उसे 22 दिन जेल में बिताने पड़े. इस दौरान परिवार मीडिया की सुर्खियों में आ गया था. 2022 में आर्यन को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया. 58 वर्षीय शाहरुख ने बताया कि कैसे उस समय जिंदगी ने उन पर आघात किया जब वह पेशेवर मंदी से गुजर रहे थे.

क्रिटिक्स को लेकर शाहरुख खान ने कही ये बात

उन्होंने बताया “पिछले चार-पांच साल मेरे और मेरे परिवार के लिए थोड़े कठिन रहे हैं. मुझे यकीन है कि आपमें से कुछ लोगों के लिए भी कोविड के कारण कठिन रहे होंगे. मेरी ज्यादातर फिल्में फ्लॉप हो गईं, कई विश्लेषकों ने मेरी खात्मे की खबर लिखनी शुरू कर दी. उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत स्तर पर कुछ परेशान करने वाली और अप्रिय चीजें भी हुईं, जिससे मुझे सबक मिला, चुप रहो और गरिमा के साथ कड़ी मेहनत करो.” उन्होंने स्वयं को एक आधुनिक अभिनेता की तरह “प्रचंड” बताया, जो कभी-कभी गलत निर्णय लेता है, शाहरुख ने कहा कि उनका मानना ​​है कि अच्छाई करने से अच्छाई मिलती है.

नेगेटिव रोल करने पर क्या बोले शाहरुख खान

शाहरुख ने आगे कहा “मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं, जो आशावान है और सुखद कहानियां सुनाता है. मैं जिन नायकों की भूमिका निभाता हूं, वे अच्छे काम करते हैं, वे आशा और खुशी देते हैं. अगर मैं एक बुरे व्यक्ति की भूमिका निभाता हूं, तो मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि वह बहुत कष्ट सहे, ताकि वह कुत्ते की मौत मरे. क्योंकि मेरा मानना है कि अच्छाई से अच्छाई पैदा होती है और बुराई पर पीछे से लात पड़नी चाहिए.” “ओम शांति ओम” के लोकप्रिय संवाद “पिक्चर अभी बाकी है, मेरे दोस्त” का हवाला देते हुए शाहरुख ने कहा कि परीक्षा के समय में व्यक्ति आशावादी, प्रसन्न और एक ईमानदार कहानीकार बनने की जरूरत होती है.

जिंदगी से नहीं माननी चाहिए कभी हार

उन्होंने कहा कि जब आप सोचते हैं कि सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है तो जिंदगी आकर रायता बिखेर देगी. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में व्यक्ति को एक आशावादी, प्रसन्न और ईमानदार कहानीकार बनने की ज़रूरत होती है। उन्होंने कहा कि इसे कहानी का अप्रत्याशित बदलाव की तरह माने और यह सौ फीसदी मानकर चले कि कहानी का अंत ऐसा नहीं होता. ‘पिक्चर अभी बाकी है.’

पठान की सक्सेस की नहीं थी उम्मीद

शाहरुख ने कहा कि पिछले साल जनवरी में “पठान” की रिलीज से पहले वह डरे हुए थे क्योंकि वह सिर्फ फिल्म बनाना ही जानते हैं. उन्होंने मजाक में कहा कि महामारी के दौरान उन्होंने इटालियन व्यंजन बनाना सीखा ताकि यदि उनका फिल्मी करियर नहीं चला तो इसमें हाथ आजमा सकते हैं. उन्होंने कहा, “यह कोई वापसी नहीं है, यह वास्तव में इस तथ्य की पुनरावृत्ति है कि मैं अभिनय करता हूं और इसे जारी रखना चाहिए न कि पास्ता और पिज्जा बनाना सीखना चाहिए.”

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फैंस को किंग खान ने कहा शुक्रिया

शाहरुख ने कहा कि उनकी फिल्मों की सफलता के पीछे हजारों लोग हैं, उन्होंने अपने ‘जवान’ संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर, जिन्हें कार्यक्रम में यूथ आइकन पुरस्कार मिला, और तीनों फिल्मों के फिल्म निर्माताओं की प्रशंसा की. वर्ष 1992 में ‘दीवाना’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता इस बात का मजाक उड़ाते रहे कि कैसे उनके परिवार ने उन्हें ‘उग्र और अहंकारी’ न होने की नसीहत दी थी, लेकिन शाहरुख अपने मजाकिया अंदाज में कहा कि कैसे वह दिलों और बॉक्स ऑफिस दोनों पर राज करते हैं.

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