बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर उन लोगों को कटाक्ष किया है, जो उनका मजाक बना रहे हैं और उनकी पुरानी वीडियोज को वायरल कर रहे हैं. एक्ट्रेस ने कहा कि समय के साथ किसी भी इंसान की सोच और जीवनशैली बदल सकती है और उन्हें भी अपनी मान्यताओं को बदलने का पूरा अधिकार है. कंगना ने खुद को अब एक "जागरूक" और "अनुशासित" हिंदू बताते हुए कहा कि जैसे हर व्यक्ति अपनी पसंद से किसी भी धर्म या विचारधारा को अपनाने के लिए स्वतंत्र है, वैसे ही उन्हें भी संविधान के तहत अपनी राह चुनने का अधिकार है.
संघी बनना चाहती हैं कंगना रनौत
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. जिसमें कहा कि वह खुद को 'संघी' बनाना चाहती हैं और इसमें किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उनका कहना था कि जब समाज दूसरे लोगों के विचार या धर्म बदलने के फैसले को स्वीकार करता है, तो उनके इस फैसले पर सवाल उठाना भी गलत है.
पहले खुद को मॉडरेट हिंदू मानती थी कंगना रनौत
कंगना रनौत ने आगे कहा, "जब हिंदू बेटियों की बात आती है, तब... आज मैं खुद को सही साबित करने की कोशिश नहीं करूंगी. मैं यह नहीं कहूंगी कि मैंने कभी आइटम नंबरों का विरोध किया, बराबर फीस की लड़ाई लड़ी, बड़े प्रोजेक्ट्स में काम नहीं किया, या इंडस्ट्री में नेपोटिज्म और कई बड़े सितारों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई. मैं इन सब बातों का सहारा लेकर खुद को जस्टिफाई नहीं करना चाहती. हां, मैं पहले खुद को एक मॉडरेट हिंदू मानती थी."
बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा को अपनाना चाहती हैं कंगना
कंगना रनौत ने कहा, "आज भी लोग मुझपर तंज कसते हैं और पूछते हैं कि मैं आखिर कब से संघी बन गई, लेकिन मैं साफ कहना चाहती हूं कि मैं संघी बनना चाहती हूं. मैं बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा को अपनाना चाहती हूं. एक जागरूक हिंदू के तौर पर यही मेरा फैसला है. अगर दूसरे लोग अपनी पसंद से विचारधारा या धर्म बदल सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं कन्वर्ट हो सकती. मुझे कन्वर्ट करना है."
कंगना बोली- हर महिला को अपनी राह चुनने की होनी चाहिए आजादी
कंगना रनौत ने अपने वीडियो के आखिर में कहा, "जब बात हिंदू बेटियों की आती है, तो समाज का दोहरा रवैया साफ नजर आता है. लोग आज भी मेरे 10 साल पुराने वीडियो और तस्वीरें निकालकर सवाल उठाते हैं कि मैं पहले क्या करती थी. मैं मानती हूं कि मेरा पास्ट जैसा भी रहा हो, लेकिन अगर आज मैं अपनी सोच बदलकर एक जागरूक, स्पष्ट और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हूं, तो इसमें गलत क्या है? मेरे लिए यह रास्ता बंद क्यों होना चाहिए?"
उन्होंने आगे कहा, "अगर समाज दूसरे लोगों को अपनी पसंद से धर्म या विचारधारा बदलने की आजादी देता है, तो हिंदू बेटियों को भी अपनी सोच और विश्वास चुनने का वही अधिकार मिलना चाहिए. मुझे लगता है कि हर महिला को बिना जज किए अपनी राह चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए."
ये भी पढ़ें: Gen Z को 'गटर जेनरेशन' कहने के बाद बदले कंगना रनौत के सुर, अब फ्रेंडशिप डे किया विश
