Border 2: बिना ग्रीन स्क्रीन के वॉर सीन शूट करना था सबसे बड़ा चैलेंज, डायरेक्टर अनुराग सिंह ने फिल्म को लेकर खोले राज

Border 2: बॉर्डर 2 को बनाना क्यों था इतना मुश्किल? डायरेक्टर अनुराग सिंह ने बताया बिना ग्रीन स्क्रीन के वॉर सीन, बड़े सेट और VFX से जुड़ी चुनौतियां. आइए सब बताते हैं.

Border 2: डायरेक्टर अनुराग सिंह ने हाल ही में अपनी नई रिलीज वॉर ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर बड़ा खुलासा किया है. सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर इस फिल्म को बनाना आसान नहीं था. अनुराग सिंह के मुताबिक, फिल्म का सबसे मुश्किल हिस्सा बिना ग्रीन स्क्रीन के बड़े पैमाने पर एक्शन सीक्वेंस शूट करना रहा. आइए जानते हैं पूरी बात.

बड़े स्केल ने बढ़ाई मुश्किलें

एक इंटरव्यू में अनुराग सिंह ने बताया कि फिल्म का स्केल बेहद विशाल है, जिसकी वजह से शूटिंग तकनीकी और लॉजिस्टिक्स दोनों स्तर पर काफी जटिल रही. उन्होंने कहा, “किसी भी दिन सेट पर करीब 300 से 400 क्रू मेंबर्स मौजूद रहते थे. हम ग्रीन स्क्रीन पर नहीं, बल्कि असली लोकेशंस पर शूटिंग कर रहे थे। देहरादून और झांसी में शूटिंग के दौरान कभी कड़ाके की ठंड तो कभी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा.”

वॉर सीक्वेंस को कोऑर्डिनेट करना था सबसे कठिन

अनुराग सिंह ने बताया कि युद्ध के सीन में हर चीज का सटीक होना बेहद जरूरी होता है. वह कहते हैं, “ब्लास्ट सही समय पर होने चाहिए, आग लगे तो एक्टर्स सुरक्षित दूरी पर हों और बैकग्राउंड में करीब 500 लोग लड़ते हुए दिखें. यह किसी एक्टर की अकेली फाइट नहीं, बल्कि पूरा युद्ध का मैदान होता है. इतने बड़े लेवल पर सब कुछ मैनेज करना सबसे मुश्किल काम था.”

हवाई युद्ध बना अलग चुनौती

डायरेक्टर ने यह भी बताया कि एयर कॉम्बैट सीन को रिक्रिएट करना एक और बड़ी चुनौती थी. असली फाइटर प्लेन इस्तेमाल करना संभव नहीं था, इसलिए इन सीक्वेंस को पूरी तरह VFX के जरिए तैयार किया गया, जिससे टेक्निकल जटिलता और बढ़.

इमोशन और एक्शन का बैलेंस

अनुराग सिंह के मुताबिक, सबसे बड़ी परीक्षा टेक्नोलॉजी के साथ इमोशन को जोड़ना था. उन्होंने कहा, “एक ही शॉट में थ्रिल, एक्शन और इमोशन को बैलेंस करना सबसे कठिन था.” उन्होंने वरुण धवन के ट्रेंच सीक्वेंस को रॉ और ग्रिटी बनाने की चुनौती और सनी देओल के टैंक सीन को पावरफुल व इमोशनल दिखाने की बात भी साझा की.

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Published by: Sheetal Choubey

शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और एंटरटेनमेंट बीट पर काम करती हैं. बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से पूरी हुई. 12वीं खत्म होने के बाद उनकी दिलचस्पी पत्रकारिता की ओर बढ़ी, जिसके चलते उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. करियर की शुरुआत शीतल ने शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन के साथ-साथ एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के अलावा वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग भी सीखी. करीब एक साल तक काम करने के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. प्रभात खबर में शुरुआत में शीतल ने बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट गॉसिप्स पर काम किया. फिलहाल वह टीवी और OTT रियलिटी शोज से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. आसान भाषा में एंगेजिंग और SEO फ्रेंडली कंटेंट लिखना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो पाठकों को आसानी से समझ आएं और उनसे जुड़ाव महसूस हो. डिजिटल मीडिया में लगातार सीखते हुए शीतल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. नए ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझते हुए यूजर्स तक तेजी से सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है.

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