बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने करियर के एक मुश्किल दौर को याद किया. उन्होंने बताया कि फिल्म जब वी मेट’ से बाहर किए जाने पर उनका दिल टूट गया था. यह वही फिल्म थी जिसे शुरू कराने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. आइए बताते हैं सबकुछ.
इम्तियाज अली और करीना कपूर को खुद जोड़ा था
Aap Ki Adalat में बात करते हुए बॉबी देओल ने बताया कि उन्हें इम्तियाज अली का काम बहुत पसंद था. फिल्म ‘सोचा ना था’ देखने के बाद उन्होंने इम्तियाज के साथ काम करने का फैसला किया. बॉबी के मुताबिक, उन्होंने ही फिल्म के लिए इम्तियाज अली और करीना कपूर को साथ लाने में मदद की थी.
फिर उनकी जगह शाहिद कपूर को मिल गया रोल
बॉबी ने कहा कि फिल्म शुरू होने में काफी समय लग गया. इस बीच हालात बदल गए और आखिरकार फिल्म बनी, लेकिन उसमें उनकी जगह शाहिद कपूर को ले लिया गया. एक्टर ने कहा कि उस समय उन्हें इस फिल्म की बहुत जरूरत थी, इसलिए यह उनके लिए काफी दुखद था.
दिल टूटा, लेकिन हार नहीं मानी
बॉबी देओल ने माना कि इस घटना से उन्हें बहुत दुख हुआ था. हालांकि, उन्होंने इस दर्द को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने फैसला किया कि वह अपने गुस्से और निराशा को ताकत में बदलेंगे और खुद को बेहतर बनाएंगे.
मुश्किल दौर ने सिखाया बड़ा सबक
अभिनेता ने कहा कि जिंदगी में हमेशा अच्छी चीजें ही नहीं होतीं. कई बार मुश्किल अनुभव भी इंसान को बहुत कुछ सिखा जाते हैं. बॉबी का मानना है कि उन कठिन दिनों ने उन्हें एक बेहतर इंसान और बेहतर अभिनेता बनने में मदद की.
अब किसी से नहीं है कोई शिकायत
बॉबी देओल ने साफ कहा कि अब उनके मन में किसी के लिए कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने उन घटनाओं को जिंदगी का हिस्सा मानकर स्वीकार कर लिया है. एक्टर का कहना है कि उन्होंने हर मुश्किल से कुछ न कुछ सीखा है और आज वह उन्हीं सीखों की वजह से पहले से ज्यादा मजबूत हैं.
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