मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने वर्ष 2002 के हिट-एंड-रन मामले में सलमान खान को बरी कर दिया. सलमान ने बरी होने के बाद अपने परिवार, दोस्त और समर्थकों को शुक्रिया कहा, सलमान ने ट्वीट करके अपनी बता कही. उन्होंने कहा कि मैं अदालत के आदेश को पूरी मानवता और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं. मैं उन सभी का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने इस मौके पर मेरा साथ दिया है.
उच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा सुनाये गये फैसले को निरस्त करते हुए उन्हें बरी किया और उनकी दोषसिद्धि एवं पांच साल की सजा को रद्द कर दिया.न्यायाधीश ने हिट एंड रन मामले में फैसला सुनाते समय कहा कि अभियोजन पक्ष अपीलकर्ता आरोपी (सलमान खान) के खिलाफ सभी आरोपों में अपना मामला साबित करने में असफल रहा. न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत के आधार पर सलमान को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.
वहीं इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार सलमान मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय करेगी.सलमान को एक सत्र अदालत ने छह मई को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति ए आर जोशी ने सलमान से जोर देकर कहा कि वह फैसला सुनाए जाते समय अदालत में मौजूद रहें.
सलमान के वकील अमित देसाई ने बताया कि 49 वर्षीय अभिनेता अपराह्न एक से दो बजे के बीच अदालत में आएंगे और इसके लिए सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध किए जाएं. सलमान खान की संलिप्तता वाले हिट एंड रन मामले में न्यायाधीश पिछले तीन दिन से फैसला लिखवा रहे है. अभिनेता की कार 28 सितंबर 2002 को उपनगरीय बांद्रा की एक दुकान में घुस गई थी. इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग घायल हो गए.
उच्च न्यायालय ने कल कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा है कि दुर्घटना के समय अभिनेता ने शराब पी रखी थी और वह टोयोटा लैंड कू्रजर चला रहा था. न्यायमूर्तिए.आर. जोशीने अभिनेता के पूर्व पुलिस अंगरक्षक और अहम प्रत्यक्षदर्शी रवींद्र पाटिल की मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराई गई गवाही पर संदेह प्रकट किया.
न्यायाधीश ने आज कहा कि पाटिल की गवाही संदेह के घेरे में है क्योंकि जब बाद में मजिस्ट्रेट के समक्ष उनका बयान दर्ज किया गया तो उसमें उन्होंने काफी फेरबदल किया. पाटिल ने घटना के तत्काल बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी में इस ओर कोई इशारा नहीं किया था कि सलमान नशे की हालत में कार चला रहे थे या नहीं लेकिन बयान में उन्होंने कहा कि सलमान शराब के नशे में गाडी चला रहे थे.
न्यायाधीशने कहा कि अभियोजन को सलमान के गायक मित्र कमाल खान से भी पूछताछ करनी चाहिए थी जो 28 सितंबर 2002 को दुर्घटना के समय कार में थे. अदालत ने कहा कि जहां तक सलीम खान के पारिवारिक चालक के बयान की बात है तो यह नियम और आपराधिक कानून की निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार था. न्यायमूर्ति जोशी ने कहा, ‘यह अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि अभियोजन पूरी तरह यह साबित करने के लिए साक्ष्य पेश करने में असफल रहा कि अपीलकर्ता (सलमान) कार चला रहा था और उसने शराब पी रखी थी. वह यह भी नहीं बता पाया कि यह हादसा घटना से पहले या घटना के बाद टायर फटने से हुआ.’
अदालत ने एलिस्टर परेरा संबंधी इसी प्रकार के एक मामले में और धारा 304 भाग-2 (गैर इरादतन हत्या) की उपयुक्तता के संबंध में उच्चतम न्यायालय और बंबई उच्च न्यायालय के उद्धरणों पर विचार करते हुए कही. इसी धारा के तहत सलमान को दोषी करार दिया गया था.
