बॉक्स ऑफिस के बारे में सोचकर फिल्मों की पटकथा नहीं लिखती : जूही

मुंबई : जानी मानी फिल्म पटकथा लेखिका जूही चतुर्वेदी का कहना है कि वह बॉक्स ऑफिस के बारे में सोचकर फिल्मों की कहानी नहीं लिखतीं. जूही ने शूजित सरकार निर्देशित जॉन अब्राहम की पहली होम प्रोडक्शन फिल्म ‘विकी डोनर’ और अमिताभ बच्चन-दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म ‘पीकू’ की कहानी, पटकथा और संवाद लिखे हैं. उनका कहना […]

मुंबई : जानी मानी फिल्म पटकथा लेखिका जूही चतुर्वेदी का कहना है कि वह बॉक्स ऑफिस के बारे में सोचकर फिल्मों की कहानी नहीं लिखतीं. जूही ने शूजित सरकार निर्देशित जॉन अब्राहम की पहली होम प्रोडक्शन फिल्म ‘विकी डोनर’ और अमिताभ बच्चन-दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म ‘पीकू’ की कहानी, पटकथा और संवाद लिखे हैं.

उनका कहना है कि वह किसी के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए लिखती हैं. जूही ने कहा, ‘उनके साथ काम करने के दौरान मुझे दबाव महसूस नहीं होता और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देती हूं. हरेक फिल्म मेरे लिए एक खोज है. मैं बॉक्स ऑफिस या शूजित सरकार या किसी और के लिए नहीं लिखती है. मैं लिखती हूं क्योंकि इसमें मुझे आनंद आता है.’

लेखिका फिलहाल शूजित की ही एक अन्य फिल्म पर काम कर रही हैं और यह फिल्म दोनों की चौथी फिल्म होगी. उन्होंने कहा, ‘इसके बारे में बात करना बहुत जल्दबाजी होग.’ जूही को लगता है कि फिल्म नगरी काफी बदल रही है और लेखकों को उनके काम का श्रेय भी मिल रहा है.

उन्होंने कहा, ‘विकी डोनर’ के बाद कई लोग मेरे बारे में जानना चाहते थे. मैं ऐसे समय में आई जब दिबाकर बनर्जी, जोया अख्तर, हबीब फैजल जैसे लोग रोचक विषयों पर काम कर रहे थे… उन्होंने विषयवस्तु आधारित फिल्मों के लिए एक मंच तैयार किया… अभिनेताओं ने भी विषय की ओर रुख किया है… और उन्होंने इसे अपनाया भी है…’ उन्होंने कहा कि लेखकों को पेमेंट भुगतान को लेकर भी चीजें बदली हैं.

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