पंचम दा बर्थडे स्‍पेशल : अपने संगीत से हमेशा ही दर्शकों को मंत्रमुग्‍ध किया

अपने संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्‍ध कर देनेवाले वाले महान संगीतकार आर डी बर्मन (पंचम दा) का आज 76वां जन्‍मदिवस है. उनका जन्‍म 27 जून, 1939 को कोलकाता में हुआ था. उन्होंने कुल 331 फिल्मों के लिए संगीत दिया जिसमें 292 फिल्में हिंदी थी. वे अपने संगीत में पाश्चात्य संगीत का उपयोग व नये-नये प्रयोग […]

अपने संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्‍ध कर देनेवाले वाले महान संगीतकार आर डी बर्मन (पंचम दा) का आज 76वां जन्‍मदिवस है. उनका जन्‍म 27 जून, 1939 को कोलकाता में हुआ था. उन्होंने कुल 331 फिल्मों के लिए संगीत दिया जिसमें 292 फिल्में हिंदी थी. वे अपने संगीत में पाश्चात्य संगीत का उपयोग व नये-नये प्रयोग करते रहते थे.

उनके पिता सचिन देव बर्मन भी एक जानेमाने संगीतकार थे. संगीत में उनकी बहुत रूचि थी इ‍सलिये बचपन से ही उन्‍होंने यह संगीत के दांव-पेंच खेलने शुरू कर लिएथे. शुरुआती दिनों में वे अपने पिता के संगीत सहायक थे. उन्‍होंने अपने फिल्‍मी सफर में हिन्‍दी के अलावा तमिल, तेलुगु, मराठी और बांग्‍ला में भी काम किया था.

बतौर संगीतकार उनकी पहली फिल्म महमूद की ‘छोटे नवाब’ थी. इस फिल्‍म से उन्‍‍हें कोई खास सफलता तो हासिल नहीं हुई लेकिन 70 के दशक में वे एक मशहूर संगीतकार के रूप में उभरे. इस दौरान उन्‍होंने लगभग छह फिल्‍मों में अपने संगीत दिये जिसमें ‘कटी पतंग’ सबसे ज्‍यादा सफल रही. फिल्म ‘आराधना’ में बीमार पिता के कामों को कुशलता से संभाला और फिल्म के लिए अधिकतर धुनें तैयारी की थी.

उनकी संगीत से सजे फिल्मों में ‘तीसरी मंजिल’, ‘आंधी’, ‘यादों की बारात’, ‘शोले’, ‘शान’, ‘पड़ोसन’, ‘परिचय’, ‘1942 ए लव स्टोरी’ आदि प्रमुख हैं. 4 जनवरी 1994 को उन्होंने इस दुनिया से विदा ले लिया.

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