Dil Chahta Hain Farhan Khan Interview: ‘दिल चाहता है’ ने हिंदी सिनेमा की तस्वीर बदलने के साथ-साथ दोस्ती को पर्दे पर देखने का नजरिया भी बदल दिया था. फिल्म के 25 साल पूरे होने पर फरहान अख्तर ने बताया कि इस फिल्म को बनाने से पहले उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक कलाकारों को इस कहानी पर भरोसा दिलाना था. उस दौर में बॉलीवुड में रोमांटिक ड्रामा और लव ट्रायंगल का चलन ज्यादा था, ऐसे में तीन दोस्तों की कहानी, जिसमें कोई लव ट्रायंगल नहीं था, कई लोगों के लिए अलग थी.
Casting Amir Khan Was Most Difficult: आमिर खान को कास्ट करना सबसे डिफिकल्ट
द जगरनॉट से बातचीत में फरहान अख्तर ने आमिर खान की कास्टिंग को लेकर कहा, “
"आमिर खान को कास्ट करना आसान नहीं था. हर कोई कहता था, ‘मैं मल्टी-हीरो फिल्म नहीं करना चाहता.’ उस समय हर कोई लव ट्रायंगल करना चाहता था.”
फरहान शुरू से ही फिल्म में दोस्तों के बीच एक लड़की को लेकर टकराव वाला पुराना फॉर्मूला नहीं अपनाना चाहते थे. उनके लिए फिल्म की असली कहानी दोस्ती थी. उन्होंने कहा,
“मेरे लिए फिल्म का मूल दोस्ती था और मैं दो लड़कों को एक लड़की के लिए लड़ते हुए नहीं दिखाना चाहता था.”
Farhan Wanted to Cast Amir on Dil Chahta Hai: बिना किसी परिचय के खुद कास्ट करना चाहते थे आमिर को - फरहान
फरहान ने यह भी बताया कि आमिर खान को फिल्म के लिए राजी करना कितना मुश्किल था. उनके पिता जावेद अख्तर ने आमिर के साथ ‘लगान’ में काम किया था, लेकिन फरहान ने अपने पिता के जरिए किसी खास परिचय का सहारा लेने के बजाय खुद इंतजार करना पसंद किया. उन्होंने कहा,
“मैंने किसी खास परिचय के लिए नहीं कहा. मैं लगातार कोशिश करता रहा और आठ महीने तक इंतजार किया, तब जाकर आमिर पूरी स्क्रिप्ट सुनने के लिए तैयार हुए.”
फरहान ने आगे बताया कि आमिर ने बाद में उनसे कहा था कि उन्हें खुशी है कि फरहान ने उन्हें फिल्म में लेने के लिए इतनी कोशिश की, क्योंकि इससे उन्हें एहसास हुआ कि फरहान इस भूमिका के लिए उन्हें कितना चाहते थे.
About Dil Chahta Hai: दिल चाहता है फिल्म के बारे में
2001 में रिलीज हुई ‘दिल चाहता है’ ने मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा में दोस्ती की परिभाषा बदल दी और एक पूरी पीढ़ी को ऐसी कहानी दी, जिसमें उन्हें अपने रिश्तों और जिंदगी की झलक नजर आई. हालांकि, फरहान अख्तर की यादों से साफ है कि तीन दोस्तों की कहानी को एक फिल्म की ताकत के तौर पर स्वीकार करवाना ही उनके लिए पहली बड़ी चुनौती थी.
