Anupama: सीरियल ‘अनुपमा’ की शुरुआत राही के प्रेम के बारे में सोचने से होती है. इसी दौरान दिग्विजय उससे पूछता है कि क्या वह प्रेम की गलती के लिए माफी मांग रही है. दिग्विजय का मानना है कि मां का अपमान करना गलत है और इस मामले में प्रेम की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राही, अनु पर आरोप लगाती है कि वह हमेशा खुद को महान साबित करना चाहती हैं. इसके जवाब में दिग्विजय उससे पूछता है कि अगर यही गलती उसने की होती और अनु उसका साथ देती, तो उसे कैसा महसूस होता. दिग्विजय की बातें सुनकर राही सोच में पड़ जाती है.
प्रेम और अंश के बीच बढ़ा टकराव
दूसरी ओर प्रेम से श्रुति उससे नए कर्मचारियों की भर्ती करने की बात करती है. प्रेम दावा करता है कि उसका कारोबार तेजी से आगे बढ़ेगा और वह अपने तरीके से इसे सफल बनाएगा. इसी दौरान अंश और प्रेम आमने-सामने आ जाते हैं. बातचीत धीरे-धीरे बहस में बदल जाती है और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो जाती है. प्रेम अंश को चुनौती देता है. प्रेरणा बीच-बचाव कर अंश को शांत करने की कोशिश करती है. वह उसे समझाती है कि गुस्से से हालात और खराब हो सकते हैं.
राही के बदले व्यवहार से प्रेम भी हुआ हैरान
दिग्विजय और अनुपमा कैफे की स्थिति देखने पहुंचते हैं. वहां उनकी नजर अंश और प्रेरणा पर पड़ती है. दोनों को साथ देखकर अनुपमा और दिग्विजय के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. इस बीच कोठारी परिवार में भी हलचल मची हुई है. वसुंधरा, परी को एक महंगा हार देती है और शाह परिवार को लेकर नेगेटिव बातें करती है. हालांकि इस बार राही चुप नहीं रहती. वह अनुपमा और दिग्विजय की दोस्ती का खुलकर सपोर्ट करती है. राही का बदला हुआ रवैया देखकर वसुंधरा और परिवार के बाकी सदस्य हैरान रह जाते हैं. राही की बातों से प्रेम भी चौंक जाता है.
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