सीता की भूमिका को जीवंत करती ऐश्वर्या ओझा, Ramyug से कर रही हैं डिजिटल डेब्यू

निर्देशक कुणाल कोहली की वेब सीरीज रामयुग एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीमिंग कर रही है. इस सीरीज में अभिनेत्री ऐश्वर्या ओझा सीता की भूमिका को जीवंत कर रही हैं. वे कहती है कि हर महिला को सीता से साहस की प्रेरणा लेनी चाहिए. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश

निर्देशक कुणाल कोहली की वेब सीरीज रामयुग एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीमिंग कर रही है. इस सीरीज में अभिनेत्री ऐश्वर्या ओझा सीता की भूमिका को जीवंत कर रही हैं. वे कहती है कि हर महिला को सीता से साहस की प्रेरणा लेनी चाहिए. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश

सीता की भूमिका को आत्मसात करना कितना चुनौतीपूर्ण था ?

यह मेरा पहला प्रोजेक्ट है। मैं इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हूं. यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है. सीता की भूमिका निभाना आसान नहीं था लेकिन निर्देशक कुणाल कोहली सर का पूरा विजन था. उन्हें पता था कि उन्हें क्या चाहिए. मुझे खुशी है कि उन्हें मुझमें सीता दिखायी दी.

आपको सीता का रोल निभाने में कुछ स्पेशल तैयारियां करनी पड़ी ?

वह दौर इतना अलग था तो बॉडी लैंग्वेज एडाप्ट करने में थोड़ी मुश्किल हुई. भाषा भी अलग है तो थोड़ा उसपर भी काम करना पड़ा. कॉस्ट्यूम अलग था तो उसमें शूट करना आसान नहीं था लेकिन मैंने इस किरदार से जुड़े हर पहलू को परफॉर्म करते हुए एन्जॉय किया.

क्या यह वेब सीरीज पहले फ़िल्म थी ?

हां कोविड से पहले हमने इसकी शूटिंग की थी लेकिन फिर कोविड आ गया और थिएटर बन्द हो गए. यह अच्छी बात है कि एमएक्स प्लेयर की वजह से हमें मौका मिला कि हम अपनी फिल्म को वेब सीरीज के फॉरमेट में करोड़ो लोगों से जोड़ सकते हैं. मुझे लगता है कि सही समय में यह सीरीज रिलीज हुई है क्योंकि लोगों को अभी स्ट्रेंथ की बहुत जरूरत है. अच्छाई देखने की आवश्यकता है.

रामायण की गाथा टीवी सीरियल्स के माध्यम हम कई बार देख चुके हैं ऐसे में यह वेब सीरीज क्या अलग दर्शकों को आफर कर रही है ?

रामायण की कहानी हम बचपन से सुनते आ रहे हैं. उसमें हमने कुछ बदलाव नहीं किया है. कर भी नहीं सकते थे. इसमें विजुवल काफी अलग है. स्पेशल इफेक्ट्स है. जो देखने में रामयुग को खास बना देता है. इस सीरीज की शूटिंग मॉरीशस में हुई है थोड़ा बहुत मुंबई में भी शूट हुआ है.

सीता की भूमिका में कुछ अभिनेत्रियों के नाम खास रहे हैं जैसे दीपिका चिखलिया तुलना के लिए कितनी तैयार हैं ?

तुलना गलत है। हर एक्टर अलग होता है. वैसे जब मैं इस फ़िल्म का हिस्सा बनी तो मैंने किसी के भी काम को नहीं देखा क्योंकि मैं किसी से प्रभावित नहीं होना चाहती थी. मैं बस निर्देशक कुणाल कोहली के विजन के मद्देनजर परदे पर सीता को जीना चाहती थी.

आप अपने बारे में बताइए कैसे एक्टिंग में आना हुआ ?

मैं इंदौर से हूं।मैंने कथक सीखा है. मैं डांसर के तौर पर स्टेज पर काफी समय बिताया है.आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मैंने अपना पहला प्ले जो किया था. उसमें मैं सीता ही बनी थी. स्कूल में थी आठवीं कक्षा में पढ़ती थी. मेरे एक्टिंग की शुरुआत वही से हुई थी और अब मैंने इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत की है तो सीता के किरदार से. मेरी फैमिली में दूर दूर तक किसी का एक्टिंग से लेना देना नहीं है. मैंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई की है. उस दौरान मैं स्टेज को बहुत मिस करती थी तो मैंने थिएटर जॉइन किया. थिएटर करते हुए लगा कि यही वो चीज़ है।जो मुझे सच्ची खुशी देती है उसके बाद मैंने एक्टिंग करने का फैसला किया.

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Author: कोरी

Published by: Prabhat Khabar

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