actor brijendra kala :कम समय के लिए परदे पर आना और अपनी छाप छोड़ जाना अभिनेता बृजेन्द्र काला की खासियत है. कई फिल्मों और वेब सीरीज का हिस्सा रह चुके बृजेन्द्र इन दिनों फिल्म ‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’ में नजर आ रहे हैं. अपनी इस फिल्म और करियर को लेकर उन्होंने उर्मिला कोरी से हुई बातचीत में कई बातें शेयर की हैं.बातचीत के प्रमुख अंश
फिल्म ‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’में आपके लिए सबसे खास क्या रहा?
इस फिल्म के निर्देशक रजनीश जयसवाल ने जब मुझे इसकी कहानी सुनायी, तो वह मुझे अपील कर गयी, क्योंकि यह एक असल घटना पर आधारित है. यह फिल्म आम आदमी के संघर्ष और न्याय व्यवस्था की हकीकत को दर्शाती है. इसके अलावा फिल्म में मेरा किरदार भी खास है. मैं इसमें वकील की भूमिका में हूं. यह एक ग्रे किरदार है. अक्सर हम सुनते हैं कि बड़े वकील किस तरह अपने अनुभवों के दम पर न्याय प्रणाली को प्रभावित करते हैं, ताकि उनके पैसे वाले क्लाइंट को फायदा पहुंच सके. पहली बार मैंने इस तरह का ग्रे किरदार निभाया है और सच कहूं, तो मैंने इसे काफी एन्जॉय किया है.
रियल लाइफ में आपका ग्रे साइड क्या है?
कोई बड़ा ग्रे साइड नहीं है. कभी-कभी मैं झूठ बोल देता हूं. कई बार आपको कहीं जाना होता है, लेकिन आपका जाने का मन नहीं होता, तो आप यह कह देते हैं कि अभी भी शूटिंग में हूं, जबकि आप घर पर होते हैं. अब अगर कोई वीडियो कॉल करके देखना चाहे, तो मैं कुछ न कुछ कहकर बात टाल देता हूं.
रियल लाइफ में कभी कोर्ट-कचहरी का सामना हुआ है?
कभी नहीं और चाहता भी नहीं हूं. बड़े-बुजुर्ग बोलकर भी गये हैं कि अस्पताल और कोर्ट कचहरी का चक्कर कभी ना लगे. मुझे लगता है कि एक बार अस्पताल के चक्कर भी खत्म हो सकते हैं, लेकिन कोर्ट-कचहरी का शुरू हो गया तो खत्म नहीं होता है.
काम के लिए निर्माता निर्देशक को अप्रोच करते हैं ?
एक लंबा अरसा बीत गया है कि किसी निर्माता -निर्देशक को बोलूं कि अरे आपने याद नहीं किया क्योंकि मुझे लगातार फिल्मों के ऑफर आ जाते हैं।उनकी शूटिंग में जाता हूँ फिर डबिंग में फिल्म रिलीज हो उससे पहले दूसरी और तीसरी फिल्म भी मिल जाती है।
क्या ओटीटी आने के बाद काम की कमी नहीं रही ?
मुझे लगता है कि जिनको काम मिल रहा है.उन्ही को काम दिया जा रहा है. मैं कई ऐसे टैलेंटेड लोगों को जानता हूँ,जिन्हे ओटीटी पर भी मौक़ा नहीं मिल रहा है. घूम फिरकर दस पंद्रह एक्टर्स के पास ही काम आ जा रहा है.
किस तरह के किरदार अब आपकी ख्वाहिश हैं?
जिस तरह की मेरी कद-काठी और चेहरा है, मुझे नहीं लगता कि मेरे पास बहुत ज्यादा विकल्प हैं या मैं खुद को किसी खास किरदार में देखूं. लेकिन हां, मैं चाहता हूं कि कोई निर्देशक मुझे किसी खास किरदार के लिए देखे, क्योंकि मेरे घर वालों और मुझे भी यही लगता है कि अब तक मेरी अभिनय क्षमताओं के साथ पूरी तरह न्याय नहीं हुआ है.
लगभग सभी बड़े स्टार्स के साथ काम किया है. सबसे ज्यादा चकित किसने किया है?
निश्चित तौर पर अमिताभ बच्चन जी ने. उनका एक औरा है. फिल्म‘भूतनाथ रिटर्न्स’ में उनके साथ काम करने का मौका मिला था. शूटिंग से पहले रिहर्सल और उसके बाद उनका परफॉर्म करना, अविस्मरणीय होता था.तेरह पेज के सीन वह हूबहू स्क्रिप्ट की तरह ही अपने अभिनय से उतार देते हैं.
आनेवाले प्रोजेक्ट्स के बारे में बताएं?
कई फिल्मों में एक्टिंग करते दिखूंगा, लेकिन लेखक के तौर मैं फिल्म ‘पारिवारिक मनोरंजन’से जुड़ा हूं. पंकज त्रिपाठी और अदिति राव हैदरी इसमें प्रमुख हैं. इस फिल्म में मैं एक्टिंग करते हुए भी दिखूंगा.
