Aaj Mere Piya Ghar Aavenge Song: शादियों के लिए नहीं मौत के बाद का है ये गाना, असली मतलब जानकर हो जाएंगे हैरान

Aaj Mere Piya Ghar Aavenge Song: शादी में बजने वाला ‘आज मेरे पिया घर आवेंगे’ गाना असल में रोमांटिक नहीं, बल्कि मौत के बाद आत्मा और परमात्मा के मिलन की कहानी है. कैलाश खेर ने इस गीत को किसी अपने को खोने के बाद लिखा था. पढे़ं इस गाने के बारे में…

Aaj Mere Piya Ghar Aavenge Song: अगर आप सूफी या क्लासिकल म्यूजिक पसंद करते हैं, तो कैलाश खेर की आवाज सीधे दिल को छू जाती है. उनके गाने सिर्फ सुनाई नहीं देते, बल्कि महसूस होते हैं. 700 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दे चुके कैलाश खेर ने ‘अल्लाह के बंदे’ और ‘रब्बा इश्क न होवे’ जैसे गीतों से खास पहचान बनाई है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका मशहूर गाना ‘आज मेरे पिया घर आवेंगे’ प्यार या रोमांस नहीं, बल्कि एक गहरा स्प्रिचुअल सॉन्ग है.

आत्मा का परमात्मा से मिलने का भाव है ये गीत

अक्सर शादियों में बजने वाले इस गाने को लोग दुल्हन के अपने पिया के स्वागत से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका असली मतलब इससे कहीं अलग है. यह गीत आत्मा और परमात्मा के मिलन की कहानी कहता है. इसकी शुरुआती पंक्तियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि एक आत्मा, जिसने सांसारिक बंधनों को छोड़ दिया है, अब अपने परमात्मा यानी अपने ‘पी’ से मिलने के लिए तैयार है. यहां शृंगार का मतलब बाहरी सजावट नहीं, बल्कि खुद को बुरे कर्मों से मुक्त करना है.

यहां सुन सकते हैं पूरा गाना

पिता की मौत के बाद मिली गाने की प्रेरणा

इस गाने से जुड़ी सबसे भावुक बात इसकी प्रेरणा है. कैलाश खेर ने खुद बताया था कि यह गीत उन्हें अपने पिता की मृत्यु से प्रेरित होकर मिला. उन्होंने बताया कि एक दिन उनके पिता जोर-जोर से भगवान का नाम लेते हुए भजन गा रहे थे. वे पूरी तरह ईश्वर में डूबे हुए थे. कैलाश ने जब उनसे बात करने की कोशिश की, तभी उनके पिता ने प्राण त्याग दिए. उस वक्त उनके चेहरे पर अजीब सी शांति और संतोष था, जैसे वे अपने परमात्मा से मिल चुके हों. पिता की मौत ने कैलाश खेर को अंदर से तोड़ दिया था, क्योंकि संगीत की पहली सीख उन्हें अपने पिता से ही मिली थी. बावजूद इसके, उसी दिन उन्होंने स्टेज पर लाइव परफॉर्मेंस भी दी, क्योंकि वह समय उनके संघर्ष का दौर था. इसी अनुभव के बाद उन्होंने आत्मा और परमात्मा के रिश्ते को शब्दों में ढालकर ‘आज मेरे पिया घर आवेंगे’ जैसा भावनात्मक और आत्मिक गीत रचा.

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By Aniket kumar

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