बॉलीवुड में हर साल कई नए चेहरे अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन कुछ ही कलाकार ऐसे होते हैं, जो अपनी पहली कुछ फिल्मों से ही दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं. हालांकि, इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहना आसान नहीं होता. कई स्टार्स ऐसे रहे, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत शानदार अंदाज में की, लेकिन समय के साथ विवाद, गलत फैसलों या लगातार फ्लॉप फिल्मों की वजह से उनका करियर पटरी से उतर गया. आइए जानते हैं उन 7 एक्टर्स के बारे में, जिनका स्टारडम एक समय चरम पर था, लेकिन आज वे पहले जैसी लाइमलाइट में नहीं हैं.
विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi)
विवेक ओबेरॉय ने साल 2002 में फिल्म 'कंपनी' से बॉलीवुड में एंट्री की. पहली ही फिल्म में उनकी एक्टिंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा. इसके बाद 'साथिया', 'मस्ती' और 'युवा' जैसी फिल्मों ने उन्हें उस दौर के सबसे पॉपुलर एक्टर्स में शामिल कर दिया. हालांकि, 2003 के बाद उनकी निजी जिंदगी से जुड़े विवाद लगातार सुर्खियों में रहे. इसी दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट उनके हाथ से निकल गए और बाद में रिलीज हुई उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं. देखते ही देखते उनका करियर पहले जैसी रफ्तार खो बैठा.
शाइनी आहूजा (Shiney Ahuja)
शाइनी आहूजा ने 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' से अपनी पहचान बनाई, लेकिन असली पॉपुलैरिटी उन्हें 'गैंगस्टर', 'वो लम्हे', 'लाइफ इन ए... मेट्रो' और 'भूल भुलैया' जैसी फिल्मों से मिली. उस समय उन्हें बॉलीवुड का उभरता हुआ स्टार माना जा रहा था. साल 2009 में कानूनी विवादों के बाद उनका फिल्मी सफर लगभग थम गया. लंबे समय बाद उन्होंने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन दर्शकों ने उन्हें पहले जैसा सपोर्ट नहीं दिया.
फरदीन खान (Fardeen Khan)
फरदीन खान ने 'जंगल' से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और बाद में 'प्यार तूने क्या किया', 'नो एंट्री', 'हे बेबी' और 'ऑल द बेस्ट' जैसी फिल्मों के जरिए पॉपुलैरिटी हासिल की. वह लंबे समय तक कॉमेडी और मल्टीस्टारर फिल्मों का जाना-पहचाना चेहरा रहे. साल 2010 के बाद उनका करियर कमजोर पड़ने लगा. लगातार असफल फिल्मों और लंबे ब्रेक की वजह से वह बड़े पर्दे से दूर हो गए. हाल के वर्षों में उन्होंने वापसी की है, लेकिन अभी तक उन्हें पहले जैसी सफलता नहीं मिल सकी.
जायद खान (Zayed Khan)
जायद खान को सबसे बड़ी पहचान 'मैं हूं ना' से मिली. फिल्म की सफलता के बाद उन्हें कई बड़े बैनरों की फिल्में मिलने लगीं. 'दस' जैसी फिल्मों ने भी उनकी लोकप्रियता बढ़ाई. लेकिन कुछ साल बाद उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असर छोड़ने में नाकाम रहीं. धीरे-धीरे निर्माता-निर्देशकों ने उन्हें लीड रोल देना कम कर दिया और उनका नाम बॉलीवुड की रेस से बाहर होता चला गया.
उदय चोपड़ा (Uday Chopra)
यशराज फिल्म्स के बैनर से जुड़े होने के बावजूद उदय चोपड़ा एक्टिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सके. 'मोहब्बतें' से डेब्यू करने के बाद उन्हें 'धूम' सीरीज में अली के किरदार से पहचान मिली. हालांकि, 'धूम' सीरीज के अलावा उनकी दूसरी फिल्में दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ सकीं. इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे एक्टिंग से दूरी बना ली और फिल्म निर्माण व अन्य कामों पर ध्यान देना शुरू किया.
हरमन बावेजा (Harman Baweja)
हरमन बावेजा ने 'लव स्टोरी 2050' से बड़े पैमाने पर बॉलीवुड में कदम रखा. डेब्यू से पहले ही उनकी तुलना ऋतिक रोशन से होने लगी थी और उन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा था. लेकिन उनकी पहली फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. इसके बाद 'व्हाट्स योर राशि?' और 'विक्ट्री' जैसी फिल्में भी सफल नहीं रहीं. कुछ ही समय में उनका करियर ठहर गया और वह फिल्मों से दूर हो गए.
राहुल रॉय (Rahul Roy)
राहुल रॉय ने 'आशिकी' से ऐसा डेब्यू किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है. फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. उनकी पॉपुलैरिटी इतनी बढ़ गई थी कि वह उस दौर के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए. लेकिन 'आशिकी' के बाद उनकी कोई भी फिल्म उसी स्तर की सफलता हासिल नहीं कर सकी. धीरे-धीरे उनका करियर कमजोर पड़ता गया और 1990 के दशक के मध्य तक उनकी चमक फीकी पड़ गई.
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