गीत दिमाग से नहीं, दिल से गाइये : इंदु सोनाली

सैकत चटर्जी मेदिनीनगर : भोजपुरी सिने जगत की मशहूर पार्श्व गायिका इंदु सोनाली ने कहा है कि आजकल शोर-शराबे वाले समय में भी संगीत के लिए बहुत कुछ बचा हुआ है. जरूरत है, गीत को दिमाग से नहीं, दिल से गाया जाये. पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा छठ के मौके पर आयोजित भजन […]

सैकत चटर्जी

मेदिनीनगर : भोजपुरी सिने जगत की मशहूर पार्श्व गायिका इंदु सोनाली ने कहा है कि आजकल शोर-शराबे वाले समय में भी संगीत के लिए बहुत कुछ बचा हुआ है. जरूरत है, गीत को दिमाग से नहीं, दिल से गाया जाये. पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा छठ के मौके पर आयोजित भजन संध्या में भाग लेने मेदिनीनगर आयीं इंदु सोनाली ने प्रभात खबर से खास बातचीत में ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि यह सच है कि आजकल संगीत में बेतहाशा तेजी व शोर है. इसकी वजह से संगीत की मिठास खत्म हो रही है. दर्शक और श्रोताओं की पसंद के लिए बहुत-सी बातों को नजरअंदाज करना पड़ता है. फिर भी संगीत में वही मुकाम हासिल कर सकता है, जो सही गुरु के मार्गदर्शन में संगीत की साधना करता है.

एक सवाल के जवाब में सोनाली ने कहा कि उन्हें संगीत अपने बैंजो वादक व गायक पिता से विरासत में मिली है. फिल्मों में बतौर अभिनेत्री काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई बार इसका प्रस्ताव आया, लेकिन इसके बारे में अभी कुछ नहीं सोचा है.

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