AAP Campaign Song: AAP के चुनावी गीत पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक, आतिशी ने केंद्र सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

AAP Campaign Song: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग की ओर से तगड़ा झटका लगा है. आयोग ने आप के चुनावी गीत पर रोक लगा दी है. इधर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर AAP ने नाराजगी जताते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है.

AAP Campaign Song: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने आम आदमी पार्टी (AAP) को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 और ECI दिशानिर्देशों के तहत निर्धारित विज्ञापन कोड के अनुसार अपने चुनाव अभियान गीत को संशोधित करने और संशोधन के बाद फिर से सबमिट करने के लिए कहा है.

चुनाव आयोग ने आप के चुनावी गीत पर क्यों लगाया रोक

आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर कुछ दिन पहले ही चुनावी गीत लॉन्च किया था. लोकसभा चुनाव प्रचार गीत में जेल के जवाब में हम वोट देंगे. कहा जा रहा है. चुनाव आयोग को इसपर आपत्ति है. ईसी ने कहा, वीडियो में एक आक्रामक भीड़ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर पकड़े हुए है और उन्हें सलाखों के पीछे दिखा रही है, न्यायपालिका पर आक्षेप लगता है. इसके अलावा, जेल के जवाब में हम वोट देंगे, विज्ञापन में कई बार दिखाई देता है जो केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन कोड के दिशानिर्देश और ईसीआई के नियम 6(1(जी) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है.

चुनाव आयोग की कार्रवाई पर आतिशी ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा, बीजेपी के एक और राजनीतिक हथियार चुनाव आयोग ने AAP के प्रचार गीत पर प्रतिबंध लगा दिया है. भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनाव आयोग ने एक राजनीतिक दल के चुनावी गीत पर प्रतिबंध लगाया है. वही चुनाव आयोग भाजपा द्वारा हर दिन किए जा रहे एमसीसी के उल्लंघन को नजरअंदाज करता है. चुनाव आयोग का कहना है कि हमारा अभियान गीत सीबीआई और ईडी के निदेशकों को बदनाम करता है. बीजेपी में शामिल होते ही राजनीतिक नेताओं पर ईडी, सीबीआई और अन्य मामले बंद कर दिए जाते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब हम अपने अभियान गीत में इसका उल्लेख करते हैं, तो ईसीआई इस पर आपत्ति जताती है. ईसीआई का कहना है कि यदि आप तानाशाही के बारे में बात करते हैं , यह सत्तारूढ़ दल की आलोचना है इसका मतलब है कि ईसीआई भी मानता है कि भाजपा एक तानाशाही सरकार है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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