Watch Video: IPS की वर्दी पहनते वक्त छलके आंसू, कैमरे में कैद हुआ विशाखा का इमोशनल मोमेंट

Watch Video of IPS Vishakha Dabral: यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा क्रैक करना और फिर मनचाहा पोस्ट मिलना बहुत कम ही होता है. आईपीएस की वर्दी का महत्व जानना हो तो IPS ऑफिसर विशाखा डबराल की कहानी देख सकते हैं. यूपीएससी में शानदार रैंक फिर IPS की वर्दी पहनते समय वो खुद को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए.

Watch Video of IPS Vishakha Dabral: विशाखा डबराल मूल रूप से देहरादून की रहने वाली हैं. वर्तमान में वह गुजरात कैडर में IPS के रूप में सेवाएं दे रही हैं. उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई देहरादून की गुरुनानक एकेडमी से पूरी की. साल 2017 में उन्होंने रैंक 134 के साथ IPS के लिए सफलता हासिल की और चयनित हुईं.

IPS Vishakha Dabral Success Story: कहां से की हैं पढ़ाई?

स्कूलिंग के बाद विशाखा बीए करने के लिए दिल्ली चली गईं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से इतिहास विषय में ग्रेजुएशन किया और साथ ही इकोनॉमिक्स को सब्जेक्ट के रूप में चुना. ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की. पहली बार 2016 में परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो पाईं.

साल 2017 में उन्होंने फिर कोशिश की और IPS के लिए चयनित हो गईं. जब उन्हें वर्दी पहनाई गई, तो वह भावुक हो गईं. यह पल उनके लिए बहुत खास था. IPS बनने का सपना सच हो गया और उन्होंने देश की सेवा के लिए एक नई जिम्मेदारी संभाली.

विशाखा डबराल की मेहनत और लगन कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने यह दिखाया कि अगर मेहनत और निश्चय मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है. IPS बनने के बाद उन्होंने समाज की सेवा में पूरी मेहनत और ईमानदारी दिखाई.

यह भी पढ़ें: कंप्यूटर साइंस छोड़ रहे छात्र! बीटेक के इस ब्रांच की बढ़ी डिमांड

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >