UPSC Topper: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी रैंक पर इस बार महिला ने बाजी मारी है. हम बात कर रहे हैं राजेश्वरी सुवे एम की, जिन्होंने 7 सालों की लंबे संघर्ष के बाद UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की. इसी के साथ राजेश्वरी यूपीएससी सीएसई 2026 के रिजल्ट में टॉप 5 में जगह बनाने वाली इकलौती महिला कैंडिडेट बन गईं. आइए, जानते हैं राजेश्वरी की सक्सेस स्टोरी (Success Story), जिन्होंने यूपीएससी में सफलता हासिल करके इतिहास रच दिया है.
कहां की रहने वाली हैं राजेश्वरी?
राजेश्वरी मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै की रहने वाली हैं. उनके पिता बिजनेसमैन हैं और उनकी मां मैथ्स की प्रोफेसर हैं. वहीं उनके भाई MBBS कर रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान जब राजेश्वरी से पूछा गया कि यूपीएससी उनके लिए किसी इत्तेफाक जैसा है या प्लान्ड सफलता है तो उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को पास करने के लिए मैंने लगातार मेहनत की है.
कहां से हुई पढ़ाई-लिखाई?
राजेश्वरी सुवे एम ने साल 2018 में अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. यूपीएससी से पहले उन्होंने टीएनपीएससी (TNPSC) ग्रुप-I परीक्षा में भी टॉप किया था और वर्तमान में वह डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं.
मंदिर को लेकर पूछा गया सवाल
राजेश्वरी से UPSC मॉक इंटरव्यू में तमिलनाडु के कल्चर और मंदिर को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिसमें से एक मीनाक्षी टेंपल से जुड़ा सवाल था. साथ ही उनसे डिप्टी कलेक्टर होने के नाते कुछ सिचुएशन बेस्ड सवाल भी पूछे गए थे. राजेश्वरी से पूछा गया कि डिप्टी कलेक्टर की क्या भूमिका (Roles of Deputy Collector) होती है. वहीं उनसे पूछा गया था कि आजादी के बाद भारत में कौन -कौन से बड़े सामाजिक बदलाव आए. इस पर राजेश्वरी ने कहा कि गरीबी रेखा में बदलाव हुआ है, भुखमरी की समस्या पर भी भारत ने काबू पाया है और साथ ही हर फील्ड में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है.
टॉप 5 में आने वाली इकलौती महिला बनीं
यूपीएससी ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है. इस बार कुल 958 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं. इनमें से टॉप 5 में आने वाली राजेश्वरी पहली महिला हैं. ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री हैं.
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