Manoj Mukund Naravane Success Story: भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं. वजह है उनकी लिखी एक किताब, जिसने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छेड़ दी है. नरवणे बचपन से खेल, स्पोर्ट्स जैसी रूचि रखते थे. आइए, जानते हैं उन्होंने कहां से पढ़ाई-लिखाई की है.
Manoj Mukund Naravane: पिता वायुसेना में, मां लेखिका
नरवणे पुणे के रहने वाले हैं. उनके पिता मुकुंद नरवणे भारतीय वायुसेना से रिटायर हुए थे. उनकी मां सुधा नरवणे लेखिका और न्यूज ब्रॉडकास्टर थीं और पुणे के ऑल इंडिया रेडियो से वो जुड़ी हुई थीं. ऐसे में नरवणे को बचपन से शिक्षा का माहौल मिला. उन्होंने बड़े होकर अपने पिता की तरह इंडियन आर्मी में ज्वॉइन करके घर की परंपरा को आगे बढ़ाने का फैसला लिया.
Success Story: NDA पासआउट हैं
वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 56वें बैच से पासआउट हैं. उनकी शुरुआती शिक्षा पुणे में हुई है. स्कूल के दिनों में उन्हें पेंटिंग का शौक था और वे खेलकूद में भी काफी एक्टिव थे.
सेना के अनुभव पर लिखी किताब
लेखन की रुचि और कला उन्हें अपनी मां से विरासत में मिली है. बता दें, जनरल नरवणे की किताब पर इतना बवाल मच रहा है, उसका नाम है ‘Four Stars of Destiny’. इसमें उन्होंने अपने एक्सपीरियंस, भारत चीन सीमा तनाव, पूर्वी लद्दाख में हुए मिलिट्री एक्शंस, सरकार और सेना के बीच डिसीजन मेकिंग प्रोसेस और रणनीतिक सोच का जिक्र किया है. इस किताब को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. यही कारण है कि उनकी किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है.
संसद के बजट सत्र से कैसे जुड़ा नरवणे का नाम?
राहुल गांधी (Rahul Gandhi Lok Sabha Speech) बजट सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन की घुसपैठ मामले पर बोल रहे थे. उन्होंने इस दौरान मनोज मुकुंद नरवणे की एक किताब का कुछ अंश पढ़ा. इस पर संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई. वजह ये है कि ये बुक अभी पब्लिश नहीं हुई है. ऐसे में इसका जिक्र संसद में होने को लेकर बवाल मच गया.
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