IAS Divya Mittal: उत्तर प्रदेश के दियोरा (Deoria) की डीएम अपने काम को लेकर हमेशा चर्चा में रहती हैं. कभी सरकारी गाड़ी रोक कर आम लोगों की फरियाद सुनती हुई दिख जाती हैं तो कभी पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए सड़क किनारे लगे नल का पानी पीती हैं. ये डीएम ऐसी हैं जो सूखे गांव में पानी पहुंचाने के लिए भी जानी जाती हैं. कभी लाखों की नौकरी और विदेश का कंफर्ट छोड़कर जिस देश सेवा की भावना के लिए ये IAS भारत आई थीं, आज वे इसे हर मोड़ पर सच कर रही हैं. हम बात कर रहे हैं हरियाणा की बेटी दिव्या मित्तल की.
आईएएस से पहले IPS बनी थीं
हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने बिना किसी कोचिंग के अपने पहले प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. हालांकि पहले प्रयास में उन्हें IPS सेवा मिली, जबकि उनका लक्ष्य IAS बनना था. अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल कर IAS अधिकारी बनीं.
IIT से IIM और फिर लंदन की नौकरी
दिव्या मित्तल ने IIT Delhi से बीटेक किया है. इसके बाद उन्होंने CAT परीक्षा पास की और IIM Bangalore से MBA की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें लंदन में शानदार पैकेज पर नौकरी मिली. वहां उन्होंने विदेशी डेरिवेटिव ट्रेडर के रूप में काम किया. हालांकि विदेश में सफल करियर के बावजूद उनका मन देश सेवा की ओर था. इसी कारण उन्होंने लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. उनके पति IAS गगनदीप सिंह ने भी उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
गांव में पानी लाने पर आई चर्चा में
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं. उन्होंने दियोरा से पहले मिर्जापुर और बस्ती में भी अपनी सेवा दी है. मिर्जापुर में तैनाती के समय उन्होंने हलिया ब्लॉक के लहुरियादह गांव में आजादी के 75 वर्ष बाद पहली बार पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई. इससे साफ होता है कि वे बस कागजों वाली आईएएस नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों में से एक हैं.
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