IAS Officer: यूपीएससी क्लियर करने के बाद कई अफसर सोशल मीडिया पर दूसरे अस्पिरेंट को मोटिवेट करने के लिए वीडियो बनाते हैं. कुछ तैयारी के टिप्स बताते हैं तो कुछ अपनी पास्ट जर्नी की झलक शेयर करते हैं. 2020 की IAS अधिकारी परी बिश्नोई ने भी अपने सोशल मीडिया पर विचार शेयर करती हैं. वे लगातार युवाओं को मोटिवेट रहने के टिप्स देती हैं. हाल ही में उनका एक वीडियो आया है, जिसमें वे मेहनत करने के फायदे बता रही हैं. UPSC के अलावा उनका प्लान B क्या था, IAS ने इसकी भी चर्ची की.
IAS Officer ने शेयर किए अपने विचार
परी बिश्नोई ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे कहते हैं कि उनकी कहानी फैंसी है क्योंकि उन्होंने UPSC क्लियर कर लिया. लेकिन अगर उन्होंने यूपीएससी नहीं क्लियर किया होता तो भी क्या वो ऐसे ही वीडियोज बनाकर लोगों को मोटिवेट कर पातीं. अगर वे परीक्षा क्लियर नहीं कर पातीं, तो क्या उनकी मेहनत और स्ट्रगल की कोई कीमत होती?
मेहनत कभी बेकार नहीं जाती: परी बिश्नोई
इस पर परी बिश्नोई का कहना है कि सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करना या एक नौकरी पाना या एक घर खरीद लेने नहीं है. असली सफलता उस मेहनत में छिपी होती है, जो इंसान को भीतर से मजबूत बनाती है. उनका कहना है कि कड़ी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती. उनका मानना है कि मेहनत सिर्फ रिजल्ट के लिए नहीं की जाती बल्कि इससे आपकी पर्सनालिटी भी निखरती है और आपमें कॉन्फिडेंस आता है.
खुद पर भरोसा करें
IAS ऑफिसर ने कहा कि उन्हें अपने पद का कोई ऑब्शेसन नहीं है. वे जानती हैं कि उनके पास पोटेंशियल है. UPSC के आखिरी अटेंप्ट के दौरान उन्होंने खुद से यह सवाल भी किया था कि अगर UPSC में सफलता नहीं मिली तो आगे क्या करेंगी. तब उन्होंने खुद को विश्वास दिलाया था कि चाहे परीक्षा पास हो या न हो, वे कुछ न कुछ जरूर करेंगी, चाहे स्कूल खोलना हो, बिजनेस शुरू करना हो या किसी और फील्ड में काम करना हो. वे हर जगह सफलता हासिल कर सकती हैं.
अपने सपने के लिए सच्चे मन से मेहनत करें
वे कहती हैं कि जब भी वे अपनी कहानी साझा करती हैं, उसका मोटिव यह नहीं होता कि हर कोई UPSC ही क्लियर करे. उनका मैसेज साफ होता है कि खुद पर भरोसा रखना कभी मत छोड़िए. अपने सपनों के लिए पूरी लगन और मेहनत से जुट जाइए, क्योंकि सच्ची सफलता आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से ही मिलती है.
कौन हैं परी बिश्नोई?
IAS परी बिश्नोई राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं. उनके पिता मनीराम बिश्नोई पेशे से एक वकील हैं. उनकी माता सुशीला बिश्नोई अजमेर जिले में GRP थानाधिकारी रह चुकी हैं. परी बिश्नोई ने 2019 में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की है. उन्होंने रैंक 30 हासिल किया था. सिर्फ 24 साल की उम्र में सफलता हासिल करके उन्होंने अपने माता-पिता का नाम रोशन किया.
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