भाइयों के साथ अब बहनें भी पढ़ सकेंगी Netarhat School में, CM हेमंत सोरेन ने की घोषणा

Netarhat School: नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छात्राओं का भी नामांकन होगा. अब तक यह विद्यालय सिर्फ छात्रों तक ही सीमित था, लेकिन अब राज्य की बेटियां भी यहां पढ़ेंगी. खुद सीएम हेमंत सोरेन ने इसकी जानकारी दी. आइए, जानते हैं कि इस स्कूल में कैसे दाखिला मिलता है.

Netarhat School: झारखंड की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छात्राओं का भी नामांकन होगा. अब तक यह विद्यालय सिर्फ छात्रों तक ही सीमित था, लेकिन अब राज्य की बेटियां भी यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी. इस ऐतिहासिक घोषणा की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को आयोजित नवनियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण सह मेधा सम्मान समारोह में दी.

नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छात्राओं का नामांकन राज्य सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके जरिए शिक्षा को सभी तक समान रूप से पहुंचाया जा सके. सीएम सोरेन का कहना है कि आने वाले समय में झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा.

Netarhat School Admission: नेतरहाट स्कूल में कैसे मिलता है दाखिला? 

नेतरहाट स्कूल में दाखिला कक्षा 6 में मिलता है. हालांकि, एडमिशन पाने के लिए प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू क्लियर करना होता है. छात्रों की की शारीरिक और मनोवैज्ञानिक जांच भी की जाती है. दखिला पाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है, जिनमें से एक है 5वीं कक्षा में पास होना और दूसरा है झारखंड का मूल निवासी होना.

What is the age limit for Class 6 in Netarhat: स्कूल में दाखिले के लिए सही उम्र 

नेतरहाट स्कूल में दाखिले के लिए छात्रों की उम्र 10-12 साल की होनी चाहिए. 

Is Netarhat school English or Hindi medium: हिंदी या अंग्रेजी में होती है पढ़ाई 

नेतरहाट स्कूल काफी पुराना है. यहां मुख्य रुप से हिंदी में पढ़ाई होती है. हालांकि, अंग्रेजी और संस्कृत भाषा पर भी ध्यान दिया जाता है.

CM Hemant Soren: शिक्षा के क्षेत्र में नए कदम

सीएम ने बताया कि राज्य में नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर तीन और आवासीय स्कूल शुरू किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इन प्रयासों की चर्चा आज देशभर में हो रही है. बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं. विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ समय की जरूरत के अनुसार लैपटॉप और मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे डिजिटल शिक्षा से पीछे न रह जाएं.

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