NEET में अच्छी रैंक के बाद भी छूट सकती है MBBS सीट, चॉइस लॉक करने में न करें ये गलतियां

NEET Counselling Tips 2026: NEET UG 2026 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी हो चुका है. पहले राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त से शुरू होंगे. काउंसलिंग के दौरान चॉइस लॉकिंग में की गई छोटी-सी गलती भी सीट अलॉटमेंट को प्रभावित कर सकती है.

NEET Counselling Tips 2026: NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर काउंसलिंग प्रक्रिया पर है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने पहले राउंड का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त 2026 से शुरू होंगे, जबकि आवेदन करने की आखिरी तारीख 12 अगस्त निर्धारित की गई है.

इस काउंसलिंग के माध्यम से देश के सरकारी, निजी और डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और BSc Nursing समेत विभिन्न मेडिकल कोर्सों में दाखिला दिया जाएगा. ऐसे में चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग के दौरान थोड़ी भी लापरवाही उम्मीदवार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. ऐसे में आइए चॉइस लॉकिंग से जुड़ी कुछ जरूरी बातें जानते हैं. 

NEET UG काउंसलिंग में क्या होता है?

NEET परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन केवल काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए ही मिलता है. अभ्यर्थियों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके बाद फीस जमा करने, पसंदीदा कॉलेजों और कोर्स की चॉइस भरनी होती है. साथ ही चॉइस लॉक करने, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और संबंधित कॉलेज में रिपोर्टिंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं.

इसके अलावा अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और पात्रता से जुड़े सभी नियमों का भी पालन करना होता है. 12वीं में निर्धारित न्यूनतम अंकों की शर्त पूरी करना भी जरूरी होता है. 

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चॉइस लॉक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. रैंक के अनुसार कॉलेज चुनें: सिर्फ नामी मेडिकल कॉलेजों को प्राथमिकता देने के बजाय अपनी NEET रैंक के अनुसार ऐसे कॉलेजों का भी चयन करें, जहां सीट मिलने की संभावना बेहतर हो. ऐसा न हो कि सिर्फ बड़े मेडिकल कॉलेज चुनने के चक्कर में अपनी रैंक के अनुसार मिलने वाले अच्छे ऑप्शन ही छूट जाएं. 
  2. कॉलेज के नियम पहले पढ़ लें: कॉलेज चुनने से पहले कॉलेज की फीस, हॉस्टल शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट, सर्विस बॉन्ड और अन्य नियमों की जानकारी पहले ही देख लें, ताकि एडमिशन के बाद किसी तरह की दिक्कत न हो.
  3. डॉक्यूमेंट्स का मिलान पहले ही कर लें: NEET स्कोरकार्ड, आधार, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट समेत सभी डॉक्यूमेंट्स में नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी और अन्य डिटेल्स एक जैसे होने चाहिए. किसी भी तरह की गड़बड़ी आगे समस्या खड़ी कर सकती है.
  4. कैटेगरी का दावा सही जानकारी के साथ करें: अगर आप EWS, OBC, SC, ST या PwD श्रेणी का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके पास संबंधित वैलिड सर्टिफिकेट होना चाहिए. गलत या अधूरा डॉक्यूमेंट मिलने पर आपका दावा निरस्त किया जा सकता है.
  5. चॉइस लॉक करने में देरी न करें: कॉलेज और कोर्स का चयन करने के बाद तय समय सीमा के भीतर चॉइस लॉक करना जरूरी है. अंतिम समय तक इंतजार करने से टेक्निकल समस्या होने पर परेशानी बढ़ सकती है.
  6. सीट मिलने के बाद समय पर रिपोर्ट करें: कॉलेज अलॉट होने के बाद निर्धारित समय के भीतर रिपोर्टिंग करना अनिवार्य है. समय पर रिपोर्ट नहीं करने पर आवंटित सीट कैंसिल भी हो सकती है.
  7. सीट छोड़ने से पहले नियम समझें: अगर आप सीट छोड़ने का फैसला करते हैं, तो पहले संबंधित नियम जरूर पढ़ लें. कई मामलों में सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त होने या अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं.

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By ओम प्रकाश

ओम प्रकाश (OP) पिछले 2 वर्षों से अधिक समय से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. इन्होंने जनसंचार एवं पत्रकारिता में मास्टर्स किया है. इनकी पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रभात खबर (प्रिंट) पटना से हुई. इसके बाद इन्होंने दूरदर्शन पटना और कशिश न्यूज के साथ जुड़ कर प्रैक्टिकल हैंड्स ऑन एक्सपीरियंस हासिल किया. ये आकाशवाणी पटना के युवाओं के लिए समर्पित कार्यक्रम 'युवा वाणी' में भी कार्य कर चुके हैं. वर्तमान में OP प्रभात खबर डिजिटल के एजुकेशन बीट में कंटेंट राइटिंग का काम कर रहे हैं. इन्हें एजुकेशन और करियर से संबंधित गाइडेंस और खबरें आसान भाषा में स्टूडेंट्स तक पहुंचाना पसंद है.

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