NCERT की किताब पर नया विवाद! मोहनजोदड़ो की डांसिंग गर्ल का बदला रूप

NCERTs new art textbook: NCERT की कक्षा 9 की नई आर्ट्स एजुकेशन बुक 'मधुरिमा' में सिंधु घाटी सभ्यता की ऐतिहासिक "डांसिंग गर्ल" की तस्वीर को डिजिटल रूप से बदल दिया गया है. मूल रूप से नग्न दिखने वाली इस 4,000 साल पुरानी कांस्य मूर्ति के धड़ वाले हिस्से को शेड करके कपड़ों जैसा लुक दिया गया है. इतिहासकारों ने इसे 'सेंसरशिप' और इतिहास के साथ छेड़छाड़ बताया है जबकि NCERT ने किसी भी खास मकसद से इनकार किया है.

NCERTs new art textbook: NCERT की कक्षा 9 की आर्ट की नई किताब में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे फेमस निशानी “डांसिंग गर्ल” की मूर्ति की तस्वीर को किताब में बदल दिया गया है. नई तस्वीर में मूर्ति के शरीर के ऊपरी हिस्से को धुंधला सा कर दिया गया है, मानो की इसमें शैडिंग की गई हो जिससे ऐसा लगता है जैसे उसने कपड़े पहने हों.

NCERT’s new art textbook: 25 साल में पहली बार हुआ ऐसा

जानकारों का कहना है कि पिछले 25 सालों से यह ऐतिहासिक मूर्ति NCERT की किताबों में बिना किसी बदलाव के छपती आ रही थी. यह पहली बार है जब इसके असली रूप को बदला गया है. यह नया बदलाव कक्षा 9वीं की नई किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘History of Arts’ में किया गया है.

NCERT’s new art textbook: जानकारों ने उठाए सवाल

इस बदलाव को लेकर कई इतिहासकारों और जानकारों के बीच बहस शुरू हो गई है. इस किताब से जुड़े रहे जाने-माने इतिहासकार मिशेल डैनिनो ने इस पर अपनी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि तस्वीर को इस तरह बदलना गलत है. ऐसा करके एक ‘नकली कलाकृति’ दिखाई जा रही है जो असलियत में कहीं है ही नहीं. अगर बच्चों के लिए यह मूर्ति सही नहीं है तो क्या उन्हें दिल्ली के नैशनल म्यूजीअम जाने से भी रोक देना चाहिए जहां यह असली मूर्ति रखी है?”

NCERT’s new art textbook: NCERT के डायरेक्टर का आया जवाब

इस विवाद पर NCERT के डायरेक्टर दिनेश प्रसाद सकलानी ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि इस बदलाव के पीछे कोई खास वजह नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा 6 की सोशल साइंस की किताब में इसी मूर्ति की बिल्कुल असली तस्वीर छापी गई है इसलिए इसे किसी गलत सोच से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

क्यों खास है यह मूर्ति?

मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली यह मूर्ति लगभग 4 इंच की है और ये कांसे से बनी है. इतिहास में इसे सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों की कला का सबसे बेहतरीन नमूना माना जाता है. फिलहाल यह असली मूर्ति नई दिल्ली के नैशनल म्यूजीअम में रखी हुई है.

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लेखक के बारे में

Published by: Bhumi Sharma

भूमि शर्मा प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. इंटर्नशिप और फुल टाइम जॉब मिलाकर अब तक इनके पास करीब 2 साल तक का अनुभव है. एंकरिंग और रिपोर्टिंग कर चुकी हैं. फिलहाल प्रभात खबर पर एजुकेशन और जॉब्स की खबरें देखती हैं. फिल्म जगत और पॉलिटिक्स की खबरों में इंटरेस्ट रखती हैं.

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