Major Rishabh Singh Sambyal: ऋषभ सिंह साम्ब्याल द्रौपदी मुर्मू के एडीसी (Aide-de-Camp) के पद पर थे. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस फैसले के बाद से वे लगातार चर्चा में हैं. हाल ही वे एक पॉडकास्ट में आए और अब ये पॉडकास्ट वायरल हो रहा है. इंटरनेट सेंशन और नेशलन क्रश बन चुके हैं, पूर्व ADC ने बताया कि उन्होंने आखिर शादी क्यों नहीं की.
Major Rishabh Singh ने शादी न करने के पीछे की बताई वजह
ऋषभ साम्ब्याल कहते हैं मैं शादीशुदा नहीं हूं. राष्ट्रपति के ADC जो होते हैं वो शादी नहीं कर सकते हैं, परिवार नहीं रख सकते हैं. मुझे लगता है कि इस पद के लिए यही सबसे बड़ा त्याग है. राष्ट्रपति के लिए काम करते हुए मैं आम आदमी की तरह बाहर नहीं जा सकता, आम लोगों जैसा जीवन नहीं जी सकता है.
कौन है Major Rishabh Singh Sambyal?
मेजर ऋषभ सिंह साम्ब्याल करीब 12 साल से सैन्य सेवा में थे. मेजर ऋषभ सिंह ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी से पढ़ाई की. फिर इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पढ़ाई की.
2013 में NDA परीक्षा पास करने के बाद National Defence Academy ज्वाइन किया था. वह 2014 से शुरू हुए 133वें NDA कोर्स का हिस्सा रहे. उन्होंने Indian Military Academy से मिलिट्री स्टडीज और डिफेंस मैनेजमेंट में पढ़ाई की है.
राष्ट्रपति के Aide-de-Camp (ADC) कैसे बनें?
राष्ट्रपति के Aide-de-Camp (ADC) बनने के लिए किसी अलग सरकारी परीक्षा का आयोजन नहीं होता है. इसके लिए कैंडिडेट्स का इंडियन आर्मी (Indian Army) का हिस्सा होना जरूरी है. इसके साथ ही ऐसे व्यक्ति का फिजिकल रूप से फिट होना जरूरी है. हालांकि, इस पोस्ट पर कार्यरत लोगों को बहुत प्राइवेट लाइफ जीनी पड़ती है.
जरूरी योग्यता
सैन्य सेवा: उम्मीदवार को भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में अधिकारी के तौर पर करीब 5 से 7 साल की सेवा का अनुभव होना चाहिए.
बेहतरीन सेवा रिकॉर्ड: ADC के लिए अधिकारी का सर्विस रिकॉर्ड बहुत अच्छा होना चाहिए. Confidential Reports में लगातार बेहतर प्रदर्शन और अच्छी रेटिंग को महत्वपूर्ण माना जाता है.
फिटनेस और नेतृत्व क्षमता: अधिकारी का शारीरिक रूप से फिट होना, नेतृत्व क्षमता रखना और अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स होना जरूरी है. व्यक्तित्व, अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता भी इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण होती है.
