Khan Sir को मिली अग्रिम जमानत, जानिए क्या होता है नियम, पेरोल से कैसे अलग है

Anticipatory Bail VS Parole: अग्रिम जमानत और पेरोल दोनों अलग-अलग कानूनी टर्म हैं. अग्रिम जमानत गिरफ्तारी से पहले कानूनी सुरक्षा देती है, जबकि पेरोल सजा काट रहे कैदी को कुछ समय के लिए अस्थायी राहत प्रदान करती है.

Anticipatory Bail VS Parole: पटना की एक अदालत ने फेमस शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को उनके कोचिंग संस्थान पर हुई फायरिंग से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) दे दी है. इसके बाद एक बार फिर अग्रिम जमानत शब्द चर्चा में आ गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि अग्रिम जमानत क्या होती है और यह पेरोल से कैसे अलग है.

क्या होती है अग्रिम जमानत?

अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का मतलब है गिरफ्तारी से पहले ही अदालत से जमानत मिल जाना. यदि किसी व्यक्ति को ऐसा लग रहा है कि पुलिस किसी मामले में उसे गिरफ्तार कर सकती है, तो वह सेशन कोर्ट या हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है.

यदि अदालत आवेदन स्वीकार कर लेती है, तो पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती. हालांकि, अदालत जरूरत पड़ने पर कुछ शर्तें भी लगा सकती है, जिनका पालन करना जरूरी है.

खुद एडवोकेट ने बताया मतलब

पटना हाई कोर्ट एंड सेशन कोर्ट के एडवोकेट महेश रजक कहते हैं कि गैर जमानतीय धाराओं में अगर आप बिना जेल गए जमानत चाहते हैं तो अग्रिम जमानत आवेदन माननीय सत्र न्यायालय के समक्ष लगाया जाता है जिसे Anticipatory Bail Application (ABP) कहा जाता है.

आधारअग्रिम जमानत (Anticipatory Bail)पेरोल (Parole)
कब मिलती है?गिरफ्तारी से पहलेसजा के दौरान, जेल में रहते हुए
किसे मिलती है?जिस व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होजेल में सजा काट रहे दोषी कैदी को
उद्देश्यगिरफ्तारी से कानूनी सुरक्षा देनाविशेष परिस्थितियों में अस्थायी छुट्टी देना
क्या जेल जाना पड़ता है?नहींहां, व्यक्ति पहले से जेल में होता है
अवधिअदालत के आदेश और शर्तों के अनुसारसीमित समय के लिए, जिसके बाद दोबारा जेल लौटना होता है


पेरोल क्या होता है?

पेरोल (Parole) का मतलब है जेल में सजा काट रहे कैदी को कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से रिहा करना. यह सुविधा आमतौर पर परिवार में शादी, किसी करीबी की गंभीर बीमारी, मृत्यु या अन्य विशेष परिस्थितियों में दी जाती है. पेरोल सजा से छूट नहीं होती. तय अवधि पूरी होने के बाद कैदी को दोबारा जेल लौटकर अपनी बाकी सजा पूरी करनी होती है.

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By Shambhavi Shivani

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