Jagadguru Ramabhadracharya Education: रामभद्राचार्य की शिक्षा कहां से हुई? जानें योग्यता

Jagadguru Ramabhadracharya Education: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बचपन में दृष्टिबाधा झेलने के बावजूद हार नहीं मानी. वाराणसी से संस्कृत की पढ़ाई कर उन्होंने जगद्गुरु का दर्जा पाया. दिव्यांगों के लिए विश्वविद्यालय खोलकर वे शिक्षा और समाजसेवा के प्रतीक बन गए.

Jagadguru Ramabhadracharya Education: धार्मिक जगत में हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य और संत प्रेमानंद महाराज के बीच की चर्चा ने खूब सुर्खियां बटोरीं. दरअसल, संस्कृत ज्ञान को लेकर रामभद्राचार्य के बयान ने संत समाज में बहस छेड़ दी है. इसी बीच लोगों की दिलचस्पी इस बात में भी बढ़ी कि आखिर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की शिक्षा कहां से हुई और उन्होंने यह अद्भुत विद्वत्ता कैसे हासिल की.

बचपन में दृष्टिबाधा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुआ. महज दो महीने की उम्र में ट्रेकोमा नामक बीमारी ने उनकी आंखों की रोशनी छीन ली. लेकिन यह कमी उनके जीवन के संघर्ष को और मजबूत बना गई. दृष्टिबाधा के बावजूद उन्होंने बचपन से ही शिक्षा प्राप्त करने का संकल्प लिया और आगे बढ़ते गए.

वाराणसी से मिली संस्कृत विद्वता

रामभद्राचार्य ने वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की. यहां से उन्होंने वेद, दर्शन और संस्कृत व्याकरण में गहरी पकड़ बनाई. इसी शिक्षा की नींव ने उन्हें जगद्गुरु का दर्जा दिलाया. विश्वविद्यालय के छात्र जीवन से ही उनका झुकाव धर्म और अध्यात्म की ओर था.

शिक्षा और समाज सेवा में योगदान

उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद रामभद्राचार्य ने समाजहित में महत्वपूर्ण कदम उठाए. उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए पहले एक विद्यालय की स्थापना की, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहें. आगे चलकर उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना की. यह दुनिया का पहला विश्वविद्यालय है, जिसे एक दृष्टिबाधित कुलाधिपति ने स्थापित और संचालित किया.

रामकथा और धर्म प्रचार का मार्ग

उन्होंने अपनी विद्वत्ता और भक्ति को समाज की सेवा से जोड़ा. रामकथा के जरिए धर्म का प्रचार किया और उससे मिलने वाली दक्षिणा को दिव्यांगों की शिक्षा और सेवा में लगा दिया. यही कारण है कि आज वह सिर्फ धार्मिक जगत ही नहीं, बल्कि शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में भी एक प्रेरणा बन चुके हैं.

यह भी पढ़ें: Success Story: बिहार की बेटी का कमाल, गटर किनारे कपड़े बेचने वाली युवती आज अधिकारी के पद पर

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है. मैं पिछले 2.5 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रही हूं. इस दौरान मैंने मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ, फैशन, ब्यूटी और होम टिप्स से जुड़े कंटेंट पर काम किया है. मुझे ऐसे आर्टिकल लिखना पसंद है जो आसान भाषा में हों और पाठकों के लिए उपयोगी भी हों. मैं ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर रिसर्च करके SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करती हूं. इसके साथ ही आकर्षक हेडलाइन लिखना, सही जानकारी जुटाना और डिजिटल ऑडियंस की पसंद के अनुसार कंटेंट तैयार करना मेरी प्रमुख जिम्मेदारियों का हिस्सा रहा है. मैं हमेशा नई चीजें सीखने और अपने लेखन को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. मेरा उद्देश्य ऐसा कंटेंट तैयार करना है जो लोगों तक सही जानकारी सरल और दिलचस्प तरीके से पहुंचाए.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >