Independence Day Urdu Shayari 2025: 15 अगस्त पर 15 उर्दू शायरी, पढ़कर कहेंगे वाह-वाह

Independence Day Urdu Shayari 2025: उर्दू शायरी का अंदाज हमेशा से दिलों को छूने वाला रहा है. ऐसे में इस 15 अगस्त पर हम आपको 15 उर्दू शायरी बताएंगे जो आपको स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी याद दिलाएगा. साथ ही देशप्रेम की भावना जगेगी. आप इसे अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं.

Independence Day Urdu Shayari 2025: आजादी का जश्न मनाने का मौका जब आता है, तो हर दिल में जज्बात लहराने लगते हैं. 15 अगस्त यानी भारत का स्वतंत्रता दिवस, सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि एक एहसास है, अपने देश के लिए गर्व, मोहब्बत और कुर्बानी का. इस दिन देशभर में तिरंगा लहराता है, देशभक्ति के गीत गूंजते हैं और हर कोई शायरी या कविता बोलते हैं. ऐसे में अगर आपको भी अपने स्कूल या दोस्तों के बीच शायरी सुनानी हो तो यहां हम आपको कुछ शायरी बता रहे हैं. 

Independence Day Urdu Shayari 2025: 15 उर्दू शायरी, पढ़कर जगेगा देशप्रेम

उर्दू शायरी (Urdu Shayari) का अंदाज हमेशा से दिलों को छूने वाला रहा है. ऐसे में इस 15 अगस्त पर हम आपको 15 उर्दू शायरी बताएंगे जो आपको स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी याद दिलाएगा. साथ ही देशप्रेम की भावना जगेगी. 

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी,
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माना हमारा। – अल्लामा इक़बाल

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है। – बिस्मिल अज़ीमाबादी

मिट्टी की मोहब्बत में हम आशिक़ों से क्या पूछो,
जिस्म जलाना, दिल जलाना कोई मुश्किल काम नहीं।

शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही बाक़ी निशां होगा। – हफ़ीज़ जालंधरी

जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा,
वो भारत देश है मेरा।

ए वतन, वतन मेरे आबाद रहे तू,
मैं जहां रहूं, जहां में याद रहे तू।

तिरंगे की शान में जो जान न्यौछावर कर दे,
उससे बढ़कर कोई इबादत नहीं होती।

मुल्क की हिफ़ाज़त में अगर जान भी जाए,
तो क़ुर्बानी से बढ़कर कोई सजदा नहीं होता।

तेरा नाम लूं जुबां से, तेरा गुन गाऊं,
तुझसे ही ऐ वतन मेरी रूह पाता है सुकूं।

मेरे मुल्क की मिट्टी, मेरी जान से प्यारी है,
इससे ही तो मेरी पहचान हमारी है।

वतन की ख़ुशबू से महक उठे मेरी सांसों का हर कोना,
मिट्टी का हर ज़र्रा मुझे अपना सा लगे।

ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो बस हिंदुस्तान की रवानी है।

तुम्हारे जज़्बे को सलाम ऐ वतन के दीवानों,
तुम्हारे दम से है आबाद हिंदुस्तान का कोना-कोना।

मैं रहूं या ना रहूं, ऐ वतन, तेरा नूर बना रहे,
तेरी मिट्टी में ही मेरी रूह को सुकून मिले।

वतन की मोहब्बत दिल में दबाए रखना,
अगर ज़िंदा रहो तो वतन पर मरते जाए रखना।

15 अगस्त के दिन सोशल मीडिया पर भी उर्दू शायरी खूब ट्रेंड करती है. लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ ऐसे शेर शेयर करते हैं, जिससे देशभक्ति की भावना और मजबूत हो जाती है. कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कवि सम्मेलनों में भी उर्दू शायरी पढ़ी जाती है. 

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By Shambhavi Shivani

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