IIT Bombay में AI से नकल मामले को लेकर क्या है झारखंड के प्रोफेसर का कहना?

IIT Bombay: IITs जैसे संस्थान में पढ़ाई और परीक्षा में AI के इस्तेमाल पर झारखंड के प्रोफेसर ने अपनी बात रखी. VC प्रोफेसर डीके सिंह ने कहा कि आज के समय का एग्जाम सिस्टम ऐसा होना चाहिए जिसमें छात्रों की क्रिटिकल थिंकिंग जांचने की जरूरत है.

IIT Bombay: IIT बॉम्बे में ChatGPT के इस्तेमाल से जुड़ी घटना के बाद परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है. झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डीके सिंह ने कहा कि AI के दौर में IITs समेत सभी हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को अपनी एग्जाम सिस्टम में बदलाव करने की जरूरत है. अब केवल रटने की बजाय एग्जाम में छात्रों की क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिकिंग आदि पर ध्यान देना चाहिए. 

मुंबई स्थित IIT Bombay में दूसरे वर्ष के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के स्टूडेंट साहिल वाकोडे (Sahil Wakode) की शुक्रवार शाम मौत हो गई है. संस्थान के अनुसार, साहिल परीक्षा के दौरान फोन का इस्तेमाल करने हुए पकड़ा गया. उसने सवालों के जवाब जानने के लिए ChatGPT पर उसे अपलोड किया था. हालांकि, संस्थान ने इस स्टूडेंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. केवल HOD और इंस्ट्रक्टर ने उसे समझा दिया था. 

AI के दौर में बदलनी होगी परीक्षा प्रणाली

इस घटना के बीच झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डीके सिंह (Professor DK Singh) ने कहा कि AI के दौर में IITs को अपनी इवैल्यूएशन प्रोसेस में बदलाव करना होगा. प्रोफेसर ने कहा कि इस दौर में क्रिएटिविटी और क्रिटिकल थिकिंग को बढ़ावा देना चाहिए.  ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को भी बदलती टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ना होगा.

प्रोफेसर सिंह के अनुसार, IITs की मौजूदा एग्जाम सिस्टम में काफी हद तक स्टूडेंट्स की मेमोरी को टेस्ट किया जाता है. जबकि इंडस्ट्री और सोसाइटी को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जो किसी समस्या को समझकर उसका समाधान निकाल सकें.

सिर्फ थ्योरी नहीं, प्रोजेक्ट और प्रयोग पर हो जोर

प्रोफेसर डीके सिंह ने कहा कि अब एग्जामिनेशन का फोकस केवल थ्योरी तक सीमित नहीं होना चाहिए. परीक्षा में स्टूडेंट्स की प्रैक्टिकल अंडरस्टैंडिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग, क्रिएटिविटी और क्रिटिकल थिंकिंग को भी महत्व दिया जाना चाहिए.

देश की समस्याओं के समाधान में AI का इस्तेमाल

प्रोफेसर ने AI को केवल परीक्षा में नकल या गलत इस्तेमाल से जोड़कर देखने के बजाय इसके सकारात्मक उपयोग पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि AI को कैंपस में जगह मिलनी चाहिए, ताकि इसका इस्तेमाल देश के सामने मौजूद अलग-अलग चैलेंज के समाधान के लिए किया जा सके.

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By शाम्भवी शिवानी

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