एक नौकरी में सिर्फ इतना कम समय, Gen Z को लेकर चौंकाने वाले खुलासे

Gen Z at Workplace Survey: आज के समय में युवक और युवती किसी एक प्राइवेट कंपनी में देर तक टिकने को सही नहीं मानते हैं. उनका मानना है कि वर्क लाइफ बैलेंस, करियर ग्रोथ आदि के लिए दज

Gen Z at Workplace Survey: आज की युवा पीढ़ी यानी की Gen Z हर मामले में पहले के लोगों से अलग सोचती है. आज के समय में युवक और युवती किसी एक प्राइवेट कंपनी में देर तक टिकने को सही नहीं मानते हैं. पहले के लोग जहां एक ही कंपनी में 10-15 साल गुजार देते थे. वहीं अब Gen z कुछ ही सालों के अनुभव के बाद कंपनी बदल लेते हैं. भारत हो या अन्य देश, सभी जगह ऐसे ही ट्रेंड्स (Gen Z Job Trends) देखने को मिल रहे हैं.

एक कंपनी में कितने साल काम करते हैं Gen Z? 

कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि Gen Z मिलेनियल्स की तुलना में कम समय कंपनी को देते हैं. अमेरिकी करियर साइट CareerBuilder के अक्टूबर 2021 के डेटा के मुताबिक, Gen Z एक नौकरी में औसतन 2 साल 3 महीने बिताते हैं. यह समय मिलेनियल्स (Millennials) के मुकाबले काफी कम माना जाता है. मिलेनियल्स किसी भी नौकरी में कम-से-कम 2 साल 9 महीने का वक्त बीताते हैं. वहीं जेन X या इससे पहले के जेरनेशन के लोग तो किसी प्राइवेट नौकरी में 8 साल या इससे अधिक समय बीताते थे. वे एक ही कंपनी और एक ही पोस्ट पर बने रहते थे. 

Gen Z at Workplace Survey: नौकरी बदलना है आम बात 

वहीं एक अन्य सर्वे (Gateway Commercial Finance) के अनुसार, पता चलता है कि Gen Z के लिए नौकरी बदलना (Gen Z Job Hopping) बहुत ही सामान्य बात है. इस सर्वे में दावा किया गाय है कि अमेरिका में Gen Z प्रोफेशनल्स का औसत जॉब टेन्योर (Gen Z Job Tenure) सिर्फ 1.8 साल है.

भारत में क्या है Gen Z का हाल? 

भारत में हुए Gen Z at Workplace सर्वे (2024) में पाया गया कि यहां 47 प्रतिशत Gen Z युवा दो साल के अंदर कंपनी बदल लेते हैं. करियर ग्रोथ, वर्क लाइफ बैलेंस और नौकरी छूट जाने के डर से Gen Z नौकरियां बदल रही हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार, 58% Gen Z अपने मौजूदा रोल को शॉर्ट टर्म मानते हैं, 47% अगले एक साल में नौकरी छोड़ने की सोच रखते हैं. वहीं 30% लोग बिना नोटिस दिए नौकरी छोड़ने को तैयार रहते हैं. 

यह भी पढ़ें- आने वाले समय में क्या Gen Z भूल जाएंगे लिखना? इस रिसर्च ने किए चौंकाने वाले खुलासे 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >