Emergency in NCERT Class 9 Textbook: इमरजेंसी विषय “चैलेंज टू डेमोक्रेसी” यानी लोकतंत्र के सामने चुनौतियां नामक अध्याय के तहत जोड़ा गया है. NCERT के अनुसार, पहली बार कक्षा 9 के स्तर पर छात्रों को इमरजेंसी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी. इसका मकसद छात्रों को भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियों, उसकी ताकत और उसके विकास के बारे में समझाना है.
Emergency in NCERT Class 9 Textbook: किस किताब में होगी इमरजेंसी?
यह विषय “अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड” नाम की नई किताब में शामिल किया गया है. इस किताब में भारतीय लोकतंत्र के कामकाज, उसकी विशेषताओं और सामने आने वाली समस्याओं को समझाया गया है.
किताब में बताया गया है कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिक अधिकारों, स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती भी इसकी अहम पहचान है. इसी संदर्भ में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र की एक बड़ी परीक्षा के रूप में प्रस्तुत किया गया है.
इमरजेंसी के दौरान क्या हुआ था?
पुस्तक में बताया गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में देश में बेरोजगारी, महंगाई और सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के कारण कई जगह विरोध प्रदर्शन होने लगे थे. इसी दौरान जून 1975 में तत्कालीन सरकार ने आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए राष्ट्रीय इमरजेंसी लागू की थी.
किताब के अनुसार, इमरजेंसी के दौरान कई मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था. प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी और कई राजनीतिक नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. इस अवधि में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा और नागरिक स्वतंत्रताओं पर भी असर पड़ा.
जयप्रकाश नारायण की भूमिका की पढ़ाई
नई किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान का भी उल्लेख किया गया है. इसमें बताया गया है कि उन्होंने छात्रों और आम नागरिकों को संगठित कर बड़े जन आंदोलनों का नेतृत्व किया था. खासतौर पर बिहार और गुजरात में उनके नेतृत्व में कई आंदोलन हुए, जिन्होंने इमरजेंसी के विरोध को मजबूत किया.
NCERT की इस नई किताब में सिर्फ इमरजेंसी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है. इसमें फेक न्यूज, गलत जानकारी का प्रसार, गरीबी, क्षेत्रवाद, सामाजिक भेदभाव, लैंगिक असमानता, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और नागरिक जिम्मेदारियों की अनदेखी जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया है.
यह भी पढ़ें: IIT-NIT की सीट मिली है? 26 जून तक फीस नहीं भरी तो रद्द हो जाएगा एडमिशन
