Doom Jobbing Kya Hai: हर जॉब सर्च बड़े मोटिवेशन से शुरू होती है. आप लैपटॉप खोलते हैं, LinkedIn या जॉब पोर्टल पर जाते हैं, नई-नई वैकेंसी देखते हैं और सोचते हैं “अब कुछ अच्छा मिलेगा.” लेकिन बार-बार ऐसा करने पर फील होता है कि आप बस अप्लाई ही करते जा रहे हैं, कुछ बदल नहीं रहा है. इसे ही कहते हैं Doom Jobbing. आसान शब्दों में कहें तो नौकरी खोजने की लत.
Doom Jobbing यानी कि लगातार जॉब के लिए अप्लाई करते रहना, हर थोड़ी देर में नई लिस्टिंग चेक करना, रिज्यूमे अपडेट करना, लेकिन अंदर से यही महसूस करना कि कुछ होने वाला नहीं है. आप जॉब खोजने में बिजी रहते हैं, लेकिन स्कोप कहीं नहीं दिखती.
Doom Jobbing आखिर दिखता कैसा है?
ये आलस नहीं है. बल्कि कई बार उल्टा होता है. हर दिन दर्जनों नौकरी के लिए अप्लाई करना. ऐसी नौकरी में फंसे रहना, जो अब आपको पसंद नहीं. हर 10 मिनट में LinkedIn refresh करना. Resume भेजते रहना लेकिन अपने पास जीरो स्ट्रैटजी रहना. धीरे-धीरे ये आदत बन जाती है. आप इसलिए नहीं अप्लाई करते हैं क्योंकि जॉब परफेक्ट है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि लगता है कुछ तो करना चाहिए.
क्या बुराई है Doom Jobbing में?
मानिसक थकान का कारण
शुरुआत में तो आप सेलेक्टेड नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं. लेकिन धीरे-धीरे ये एक प्रक्रिया बन जाती है, जहां आप उन नौकरी के लिए भी अप्लाई करने लग जाते हैं जो आपके प्रोफाइल से थोड़ा भी मेल खाता हो. इससे उन्हें ऐसा लगता है कि वे लगातार मेहनत कर रहे हैं, जबकि असल में यह मानसिक थकान और तनाव बढ़ा सकता है.
क्वालिटी की जगह क्वांटिटी पर फोकस
विशेषज्ञों का कहना है कि डूमजॉबिंग का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि उम्मीदवार क्वालिटी की जगह क्वांटिटी पर फोकस करने लगते हैं. बिना रिसर्च और कस्टमाइज्ड रिज्यूमे के किए गए आवेदन अक्सर रिजेक्शन या “नो रिस्पॉन्स” में बदल जाते हैं. इससे आत्मविश्वास भी प्रभावित हो सकता है.
स्किल्स और रुचि पर नहीं देते ध्यान
करियर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि नौकरी खोजने के दौरान एक तय स्ट्रैटजी अपनानी चाहिए. हर दिन घंटों जॉब पोर्टल स्क्रॉल करने के बजाय उम्मीदवारों को अपनी स्किल्स और रुचि के हिसाब से सीमित लेकिन सही नौकरियों के लिए आवेदन करना चाहिए. साथ ही रिज्यूमे और कवर लेटर को हर नौकरी के अनुसार अपडेट करना भी जरूरी माना जा रहा है.
क्या बदलने की जरूरत है?
इस आदत से बाहर निकलने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं, बल्कि समय का सही इस्तेमाल जरूरी है.
एक बेहतर तरीका यह हो सकता है-
- नौकरी खोजने के लिए समय की स्पष्ट सीमा तय करें
- ज्यादा संख्या में आवेदन करने के बजाय अपनी प्रोफाइल से मेल खाने वाली नौकरियां चुनें
- मौजूदा डिमांड के अनुसार अपनी स्किल्स को बेहतर बनाएं
- कम लेकिन मजबूत और अच्छी तरह तैयार किए गए आवेदन पर फोकस करें
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