IIT-IIM की डिग्री नहीं फिर भी तय किया Amazon तक का सफर, हर महीने होती है लाखों में कमाई

Non IIT Success Story: अरनबी मित्रा पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं. उन्होंने बिना आईआईटी के टैग के एमेजन जैसी बड़ी कंपनी में खुद के दम पर नौकरी हासिल की. इंटरव्यू के लिए उन्होंने 5-6 महीने की तैयारी की. आइए, जानते हैं कि अरनबी मित्रा की सक्सेस स्टोरी क्या है और उनका यहां तक का सफर कैसा रहा-

Non IIT Success Story: 12वीं के बाद अच्छी नौकरी और सैलरी के लिए छात्र IIT-IIM जैसे कॉलेजों का रुख करते हैं. इन संस्थानों से पढ़ने वाले छात्र Google, Microsoft जैसे बड़ी कंपनी में नौकरी हासिल करते हैं. लेकिन क्या इसका मतलब ये है कि इन कॉलेजों की डिग्री के बिना आप किसी एमएनसी और टॉप की कंपनियों में नौकरी नहीं हासिल कर सकते? ऐसा नहीं है, कड़ी मेहनत और लगन के दम पर आप बड़ी-से-बड़ी कामयाबी हासिल कर सकते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है पश्चिम बंगाल की अरनबी मित्रा की, जिन्हें न महंगा स्कूल कॉलेज मिला न आईआईटी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान. लेकिन फिर भी उन्होंने अपने करियर में वो मुकाम हासिल किया, जिसके लिए कई लोग संघर्ष करते हैं.

Non IIT Success Story: कहां से हुई अरनबी की पढ़ाई-लिखाई? 

अरनबी मित्रा पश्चिम बंगाल (West Bengal News) की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई पश्चिम बंगाल के स्कूल में ही हुई. अरनबी मित्रा के लिंक्डइन प्रोफाइल पर दी जानकारी के अनुसार, उनकी पढ़ाई 10वीं तक St. Margaret’s School से हुई और 11वीं-12वीं तक की पढ़ाई Bethune School से हुई. 12वीं की पढ़ाई के बाद बीटेक के लिए अरनबी ने किसी आईआईटी-एनआईटी को नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल स्थित Government College of Engineering and Leather Technology (GCELT) को चुना. 

Success Story: Infosys से शुरू हुआ नौकरी का सफर 

बीटेक की डिग्री पूरी करने के बात अरनबी को Infosys में काम मिला. यहां उन्होंने सिस्टम इंजीनियर स्पेशलिस्ट के तौर पर ज्वॉइन किया था. 8 महीने की कड़ी मेहनत के बाद वे डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर के रूप में प्रमोट हुईं. वहीं बाद में उन्होंने कुछ इंटर्नल परीक्षा के जरिए पॉवर प्रोग्रामर पद हासिल किया. अरनबी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि वे कॉलेज के दिनों से बेसिक कोडिंग जानती थी. ऐसे में उन्हें इस पद के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने कोडिंग की ऑनलाइन क्लासेज ली और फिर कई महीने की कड़ी मेहनत के बाद ये पद हासिल किया. 

Amazon Success Story: सपनों को हासिल करने के लिए की कड़ी मेहनत

अरनबी को इंफोसिस की नौकरी तक नहीं रुकना था. उन्हें एक अलग मुकाम हासिल करना था. यही कारण है कि उन्होंने लगातार अपने स्किल्स पर काम किया और खुद को अपग्रेड करती गईं. अब अरनबी का अगला टारगेट था Amazon, जिसके लिए उन्होंने 5-6 महीने की तैयारी की. आखिरी के दो महीने जी-तोड़ मेहनत की. इसका हासिल ये हुआ कि उन्होंने Amazon का इंटरव्यू क्रैक कर लिया. अरनबी को एमेजन में काम करते हुए करीब 3 साल हो गए. वे सॉफ्टवेयर डेवलेपमेंट इंजीनियर के पद पर हैं. विभिन्न क्षेत्र, कैंडिडेट्स के कार्य अनुभव के अनुसार, SDE की सैलरी अलग-अलग होती है. आमौतर पर एमेजन जैसी बड़ी कंपनियों के SDE की सैलरी 15.6 लाख से लेकर 31.1 लाख रुपये सालाना तक होती है. 

Interview Tips By Toppers: इंटरव्यू की तैयारी करने वालों को सलाह 

अरनबी मित्रा को Amazon के इंटरव्यू की तैयारी में 5-6 महीने तक का वक्त लगा था. उन्होंने कहा कि इंटरव्यू की तैयारी का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने हालिया इंटरव्यू अनुभव को देखें. इससे आपको बहुत मदद मिलेगी. वहीं उन्होंने अपने एक लिंक्डइन पोस्ट में इंटरव्यू के लिए सबसे ज्यादा पूछे गए सवालों के बार में बताया. यहां देखें-

  • सभी तत्वों को अच्छे से समझाएं 
  • मॉडल को डिफाइन करें 
  • मूल आर्किटेक्चर डिजाइन करें
  • पूरा कोड लिखें
  • उदाहरण के साथ समझाएं 

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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