MBBS vs BDS: मेडिकल फील्ड आज भी देश के सबसे पॉपुलर और भरोसेमंद करियर ऑप्शन में से एक माना जाता है. हर साल लाखों स्टूडेंट्स डॉक्टर बनने का सपना लेकर तैयारी करते हैं. लेकिन 12वीं के बाद जब असली सिलेक्शन का समय आता है तो सबसे बड़ा सवाल होता है MBBS करें या BDS. एमबीबीएस और बीडीएस दोनों ही मेडिकल सेक्टर के प्रमुख कोर्स हैं, लेकिन इनकी पढ़ाई, वर्क, करियर स्कोप और फ्यूचर पॉसिबिलिटीअलग-अलग होती हैं. दोनों ही कोर्स हेल्थ सर्विस से जुड़े हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि एमबीबीएस और बीडीएस(MBBS vs BDS) कोर्स क्या है और किसे चुनना ज्यादा फायदेमंद होगा.
MBBS क्या है?
बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) एक प्रोफेशनल मेडिकल डिग्री है, जिसे पूरा करने के बाद स्टूडेंट डॉक्टर कहलाते हैं. यह कोर्स उन कैंडिडेट्स के लिए होता है, जो मानव शरीर की बीमारियों का इलाज करना, सर्जरी करना और मरीजों की देखभाल करना चाहते हैं. इस कोर्स को करने में 5.5 साल लगते हैं, जिसमें एक साल का इंटर्नशिप करना अनिवार्य होता है. भारत में MBBS में एडमिशन के लिए NEET एग्जाम पास करना जरूरी है.
एमबीबीएस में क्या पढ़ाया जाता है?
MBBS में शरीर की बनावट (Anatomy), शरीर की कार्यप्रणाली (Physiology), दवाइयों का ज्ञान (Pharmacology), सर्जरी, मेडिसिन, बाल रोग और स्त्री रोग जैसे कई सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं.
MBBS के बाद क्या कर सकते हैं?
इस कोर्स को करने के बाद सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर, खुद का क्लिनिक,MD/MS जैसी स्पेशलाइजेशन और विदेश में मेडिकल प्रैक्टिस भी कर सकते हैं. एमबीबीएस करने के बाद स्टार्टिंग सैलरी 50,000 से 1 लाख रुपये प्रतिमाह (सरकारी/प्राइवेट इंस्टीट्यूट पर निर्भर) तक हो सकती है. स्पेशलाइजेशन के बाद सैलरी और बढ़ सकती है.
BDS क्या है?
बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) एक प्रोफेशनल डेंटल डिग्री है, जिसे पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स डेंटिस्ट (दांतों के डॉक्टर) बनते हैं. यह कोर्स मुख्य रूप से दांतों, मसूड़ों और मुंह से जुड़ी बीमारियों के इलाज करता है. BDS कोर्स करने में 5 साल लगते हैं. भारत में BDS में एडमिशन के लिए NEET परीक्षा पास करना जरूरी है.
BDS में क्या पढ़ाया जाता है?
BDS में दांतों की संरचना, ओरल सर्जरी, दांतों की सफाई और उपचार, ब्रेसेस (Orthodontics), रूट कैनाल, डेंटल इम्प्लांट जैसी टेक्नीक के बारे में पढ़ाया जाता है.
सैलरी डिटेल्स
बीडीएस के बाद स्टार्टिंग सैलरी लगभग 25,000 से 60,000 रुपये प्रतिमाह हो सकती है. एक्सपिरियंस और खुद के क्लिनिक होने पर सैलरी बढ़ सकती है.
MBBS vs BDS: किसे चुनना फायदेमंद हो सकता है?
दोनों ही (MBBS vs BDS) रिस्पेक्टफुल और सेफ करियर ऑप्शन है. बेस्ट वही है, जो आपकी रुचि और फ्यूचर गोल पर निर्भर करती हो. अगर आप लंबी पढ़ाई और हेल्थ सेक्टर में डिटेल नॉलेज लेना चाहते हैं, तो एमबीबीएस अच्छा रहेगा. वहीं अगर आप डेंटल केयर में एक्सपर्ट बनना चाहते हैं, तो बीडीएस आपके लिए सही होगा.
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