Board Exam preparation : मोबाइल को पढ़ाई में बाधक नहीं, बनाएं स्मार्ट साथी

बोर्ड परीक्षा सिर पर हैं और तुम मोबाइल देख रहे हो ! ऐसे कई छात्र हैं, जो इन दिनों अपने अभिभावकों से यह सुन रहे हैं. आप इनमें से एक हैं, तो परीक्षा की तैयारी के इस महत्वपूर्ण दौर में मोबाइल का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करें...

By Prachi Khare | January 15, 2026 3:58 PM

Board Exam preparation : आईसीएसई, आईएससी और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं अगले महीने शुरू होने वाली है. यह वक्त है एकाग्रता, निरंतरता और अनुशासन के साथ परीक्षा की तैयारी पर जोर देने का. ऐसे में कई अभिभावक बच्चों को मोबाइल का उपयोग पूरी तरह बंद करने के लिए कहते हैं. लेकिन, विशेषज्ञों की मानें, तो एकदम से स्क्रीन टाइम शून्य कर देना छात्रों में तनाव विकसित कर सकता है. परीक्षा की तैयारी की इस घड़ी में जरूरत है डिजिटल बैलेंस बनाने की.

मोबाइल के लिए बनाएं नियम

छात्रों के लिए बेहतर होगा कि वे मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर कुछ नियम बनाएं और सख्ती से उनका पालन करें. पढ़ते वक्त फोन को साइलेंट मोड में रखें. अच्छा होगा कि अधिकतम 15 मिनट ही सोशल मीडिया को दें. चाहें तो निर्धारित समय के लिए सोशल मीडिया को ब्लॉक करनेवाले ऐप्स जैसे-फॉरेस्ट, स्टे फोकस्ड, फ्रीडम आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे इंस्टाग्राम, फेसबुक व यूट्यूब से दूरी बनाने में मदद मिलेगी.

समझें एजुकेशन एवं एंटरटेनमेंट का फर्क

अपने स्क्रीन टाइम को दो भागों में बांटें. एकेडमिक यानी लेक्चर देखने एवं नोट्स पढ़ने के लिए. पर्सनल यानी एंटरटेनमेंट यूज यानी सोशल मीडिया, गेमिंग या चैटिंग के लिए. नियम बनाएं कि पढ़ाई वाले घंटों में एंटरटेनमेंट के लिए फोन न इस्तेमाल करें.

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लाइब्रेरी मोड में पढ़ें

पढ़ने बैठें, तो कल्पना करें कि आप एक लाइब्रेरी में हैं. फोन को टेबल से दूर रखें. केवल किताबों, नोट्स एवं टाइम टेबल पर ध्यान दें. जितना संभव हो किताबों और नोट्स से पढ़ाई करें. कोई महत्वपूर्ण पीडीएफ है, तो उसका प्रिंट आउट निकलवा ले. इससे न केवल आपकी आंखों को आराम मिलेगा, बल्कि आपकी याद रखने की क्षमता भी बढ़ेगी.

एक्सपर्ट की राय

निर्धारित नियमों के साथ करें मोबाइल का उपयोग : अनिल सेठी, करियर काउंसलर एवं मोटिवेटर

परीक्षा की तैयारी के इस दौर में छात्र ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई में बिता रहे हैं. ऐसे में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जिस तरह कुछ देर खेलना उनके लिए अच्छा रहता है, ठीक उसी तरह निर्धारित समय के लिए मोबाइल का उपयोग करने से भी उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा. हां, यदि अभिभावक उनसे मोबाइल छीन लेते हैं या पूरी तरह से मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देते हैं, तो ऐसा करना छात्रों में तनाव को बढ़ावा दे सकता है. बेहतर है कि छात्र कुछ नियमों के साथ अपनी स्क्रीन टाइम को संतुलित करें.

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