AI Education in Bihar Colleges: बिहार में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. राज्य के इंजीनियरिंग -पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई मुफ्त होगी. टेक्निकल विषय की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को अब प्लेसमेंट में बहुत बड़ा फायदा हो सकता है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने खुद इसकी जानकारी दी है.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाला समय AI का होगा. खासकर शिक्षा मे इसका बहुत ज्यादा महत्व होगा. जनवरी महीने में नेसकॉम (NASSCOM) के साथ एमओयू साइन किया गया है. इसके तहत इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में AI आधारित शिक्षा सिलेबस का हिस्सा होगा. सका मकसद है कि बिहार के छात्र नई टेक्नोलॉजी सीखें और नेशनल-इंटरनेशनल लेवल पर कंप्टीशन कर सकें.
बिहार में शिक्षा पर होने वाला खर्च, सरकार ने दी जानकारी
बिहार विधान परिषद की दूसरी पाली में शुक्रवार को सरकार की ओर से जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि 2005 के पहले बिहार का शिक्षा बजट 4400 करोड़ रुपये हुआ करता था. अब वर्ष 2026-27 में शिक्षा बजट 70 हजार करोड़ रुपये का हो गया है. ये कुल वार्षिक बजट का 20 फीसदी है. 20 फीसदी राशि केवल बिहार में ही शिक्षा पर खर्च रही है.
AI की पढ़ाई से क्या फायदा?
वर्तमान की जरूरत: आज हेल्थकेयर, बैंकिंग, एजुकेशन, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर सरकारी सेवाओं तक हर सेक्टर में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है.
बेहतर प्लेसमेंट: टेक्निकल बैकग्राउंड के साथ AI स्किल जुड़ने से कैंपस प्लेसमेंट में बढ़त मिलेगी.
फ्यूचर करियर ऑप्शन: AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग एक्सपर्ट, रोबोटिक्स स्पेशलिस्ट जैसे हाई-पैकेज जॉब्स के रास्ते खुलेंगे.
स्टार्टअप और इनोवेशन: छात्र अपने AI आधारित स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर बनेंगे.
ग्लोबल अवसर: AI स्किल की अंतरराष्ट्रीय मांग है, जिससे विदेशों में भी करियर बनाने के मौके मिल सकते हैं.
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