JoSAA Counselling 2026: इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली जोसा काउंसलिंग में अगर एक भी पेपर गलत या मिसिंग हुआ तो आपकी सीट तक कैंसिल हो सकती है. इसलिए छात्रों के लिए जरूरी है कि काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही सभी डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह तैयार रखें.
JoSAA Counselling क्या है?
JoSAA यानी Joint Seat Allocation Authority देश के सभी बड़े टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन की जिम्मेदारी संभालती है. IIT और NIT जैसी संस्थाओं में सीट अलॉटमेंट इसी प्रक्रिया के जरिए होता है. रैंक के आधार पर छात्रों को कॉलेज और ब्रांच मिलती है और फिर ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होती है.
IIT एडमिशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
अगर आपको IIT में सीट मिलती है तो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन बहुत सख्ती से होता है. इसमें सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट हैं क्लास 10 और क्लास 12 की मार्कशीट, जेईई एडवांस्ड एडमिट कार्ड, कैटेगरी सर्टिफिकेट, PwD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो), मेडिकल सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स. इसके अलावा पहचान के लिए आधार कार्ड या अन्य वैध आईडी भी जरूरी होती है.
JoSAA Counselling 2026 Official Notice
ऑनलाइन अपलोड करते समय डॉक्यूमेंट्स को हमेशा ओरिजिनल से स्कैन करें. फाइल साइज और फॉर्मेट JoSAA के नियमों के अनुसार रखें. आमतौर पर PDF या JPEG फॉर्मेट ही मान्य होता है. नाम, जन्मतिथि और अन्य डिटेल्स सभी डॉक्यूमेंट्स में एक जैसी होनी चाहिए वरना वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है.
आखिरी स्टेप
सीट मिलने के बाद छात्रों को सीट एक्सेप्टेंस फीस जमा करनी होती है और तय समय के अंदर डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं. अगर इसमें देरी हुई या कोई गलती मिली तो सीट तुरंत रद्द हो सकती है. इसलिए बेहतर है कि काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही सभी डॉक्यूमेंट्स की एक अलग फाइल तैयार कर लें.
यह भी पढ़ें: IITs में बढ़ गईं BTech की सीटें, कंप्यूटर साइंस से ज्यादा इस ब्रांच में होगा एडमिशन
