जेईई एडवांस्ड में टॉप रैंक लाने वाले छात्रों को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी IIT बीएचयू का कैंपस बहुत पसंद आता है. हर साल हजारों छात्र यहां एडमिशन के लिए JoSAA Counselling में च्वाइस फिलिंग करते हैं. इस बार बीटेक में छात्रों को निराशा हाथ लगी है. काउंसलिंग अथॉरिटी ने बीटेक की सीटों में कोई बदलाव नहीं किया है. ऐसे में आइए जानते हैं IIT BHU में बीटेक में किस ब्रांच में कितनी सीटें हैं.
IIT BHU BTech ब्रांच वाइज सीटों की डिटेल्स
IIT BHU में BTech की सीटें अलग-अलग ब्रांचों में बंटी हुई हैं. मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 178 और केमिकल इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा 170 सीटें हैं. इसके बाद सिविल में 150, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 145, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 145 और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 143 सीटें आती हैं.
| क्र.सं. | ब्रांच का नाम | सीटों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | सिरेमिक इंजीनियरिंग | 75 |
| 2 | केमिकल इंजीनियरिंग | 170 |
| 3 | सिविल इंजीनियरिंग | 150 |
| 4 | इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री | 24 |
| 5 | कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग | 145 |
| 6 | इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | 143 |
| 7 | इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग | 145 |
| 8 | इंजीनियरिंग फिजिक्स | 40 |
| 9 | गणित एवं कंप्यूटिंग | 65 |
| 10 | मैकेनिकल इंजीनियरिंग | 178 |
| 11 | मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग | 106 |
| 12 | बायोकेमिकल इंजीनियरिंग | 25 |
| 13 | मैटेरियल साइंस एवं टेक्नोलॉजी | 28 |
| 14 | माइनिंग इंजीनियरिंग | 112 |
| 15 | फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी | 75 |
| 16 | बायोमेडिकल इंजीनियरिंग | 21 |
| 17 | आर्किटेक्चर | 26 |
वहीं कुछ ब्रांचों में सीटें काफी कम हैं जैसे बायोमेडिकल (21), इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री (24) और आर्किटेक्चर (26). कुल मिलाकर देखा जाए तो IIT BHU में सीटें ज्यादा नहीं बढ़ी हैं, इसलिए हर साल एडमिशन की टक्कर काफी टाइट रहती है.
IIT BHU BTech Admission 2026 Seat Matrix Check Here
बीटेक कंप्यूटर साइंस में घट गईं सीटें
आईआईटी बीएचयू में बीटेक कंप्यूटर साइंस की सीटों में बदलाव हुआ है. पिछले साल की तुलना में इस साल सीटें घट गई हैं. पिछले साल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में कुल 155 सीटें थीं, जो इस बार घटकर 145 हो गई हैं.
IIT BHU BTech Admission: बीटेक में एडमिशन प्रोसेस
आईआईटी बीएचयू में बीटेक में एडमिशन की प्रक्रिया जोसा काउंसलिंग के माध्यम से ही पूरी कराई जाती है. सबसे पहले काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके बाद छात्रों को च्वाइस फिलिंग का मौका मिलता है. अपने पसंद का कॉलेज सेलेक्ट करने के बाद मॉक सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी होगी. इसके बाद फाइनल लिस्ट में रैंक पता चलता है कि किस रैंक तक को कौन सा कॉलेज मिला है.
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