1 लाख रुपये प्रति महीने सैलरी को इंफ्लुएंसर ने बताया खतरनाक, कहा सपने देखना बंद कर देते हैं लोग

1 Lakh Salary Debate: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने 1 लाख सैलरी को बेहद कम बताया. अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. हालांकि, कुछ लोगों ने कहा कि सिर्फ पैसों के पीछे भागने से कुछ नहीं होता है.

1 Lakh Salary Debate: एक लाख सैलरी कुछ लोगों के लिए सपना होती है. लेकिन एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने इसे खतरनाक बताया. ये आपके लिए शॉकिंग होगा. लेकिन इस महिला ने कहा कि ये कम होने के कारण खतरनाक नहीं है बल्कि काफी होने के कारण डेंजरस है. अब आप सोच रहे होंगे कि इस सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने ऐसा क्यों कहा. आइए, जानते हैं इसके पीछे का कारण.

इंफ्लुएंसर ने बताया क्या होती है डेंजरस सैलरी?

सोशल मीडिया पर निधि ने कहा कि डेंजरस सैलरी वो होती है जो तुम्हें इतना कंफर्टेबल बना दे कि तुम सपने देखना बंद कर दो. सोच के देखो, इसमें तुम्हारा रेंट निकल जाता है, खाना-पीना और दूसरी जरूरतें पूरी हो जाती हैं. साल में एक बार ट्रिप भी हो जाती है. यही सबसे बड़ा ट्रैप है क्योंकि जब सब मिल ही रहा है तो दिमाग ये सवाल नहीं पूछता है कि और ज्यादा क्यों चाहिए.


एक लाइन में कहें तो इस इंफ्लुएंसर का कहना है कि ऐसी सैलरी जो आपकी बेसिक नीड्स को पूरी कर दे और आपको आरामदायक बना दे, वही सबसे खतरनाक है क्योंकि वह आपको बड़े सपने देखने और आगे बढ़ने की चाह से दूर कर सकती है.

1 लाख सैलरी का नुकसान, ग्रो करना बंद कर देते हैं लोग

उन्होंने आगे कहा कि तुम्हें लगता है कि 1 लाख रुपये हर महीने तो बैंक अकाउंट में आ ही रहे हैं. लाइफ सॉर्टेड है और जिस दिन ये लगने लगता है, उसी पल से तुम ग्रो करना बंद कर देते हो.

सोशल मीडिया यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया, कहा -माइंडसेट का खेल है

अब इस वीडियो पर लोगों के तरह-तरह के कॉमेंट्स आ रहे हैं. कुछ का कहना है कि इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया पर परोसे गए हर रील्स से प्रेरित होना बंद कर दें क्योंकि आपने 1 लाख रुपये महीने की सैलरी तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है. जब सैलरी इतनी हो गई है तो इसे आप एन्जॉय करें. किसी ने कहा लाइफ में ग्रो करने का मतलब सिर्फ पैसे कमाना नहीं है. किसी ने कहा कि मेट्रो सिटी में एक लाख रुपये महीने की सैलरी मैटर नहीं करती.

एक यूजर ने कहा 1 लाख रुपये मूंगफली के दाने के बराबर

एक यूजर ने कहा कि भारत में एक लाख प्रति महीने की सैलरी कमाना एक मूंगफली के दाने जितना पैसा कमाने जैसा है. एक सिंगल आदमी के लिए भी ये बहुत छोटा अमाउंट है. हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि कितनी सैलरी काफी हो ये माइंडसेट पर निर्भर करता है.

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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